जिला अस्पताल मेें शवों के पास बैठे शोकाकुल परिजन।
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बांदा। मिट्टी खोदने गईं दो महिलाएं और उनकी किशोर उम्र भतीजी टीला ढह जाने से जिंदा दफन हो गईं। काफी देर के बाद आई जेसीबी मशीन से मिट्टी हटाकर उनके शव निकाले जा सके। एक ही परिवार में तीन मौतों से पूरे गांव में शोक छा गया। दोनों महिलाओं के पति और किशोरी का पिता पेशे से मजदूर हैं।
घटना नरैनी तहसील के गिरवां थाना क्षेत्र के स्योढ़ा गांव की है। बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे होरलिया (30) पत्नी पून्नू उर्फ पूरनलाल यादव और उसकी जेठानी सुरजी (38) पत्नी रामकिशोर यादव घर की छपाई के लिए गांव के बाहर से मिट्टी लेने गईं थीं।
इनके साथ 16 वर्षीय भतीजी कुमारी संगीता भी चली गई। तीनों काफी ऊंची कगार वाले टीले के नीचे मिट्टी खोद रही थीं कि बलुई मिट्टी के टीले का ऊपरी हिस्सा ढह गया। भारी मात्रा में मिट्टी इन तीनों के ऊपर आ गिरी। इससे तीनों दब गईं। ऊपर मिट्टी का भारी ढेर लग गया।
टीले के नजदीक गांव के कुछ बच्चे खेल रहे थे। उन्होंने देखा तो शोर मचाया। बच्चों का शोर सुनकर गांव के लोग आ गए और आननफानन मिट्टी हटानी शुरू की लेकिन मिट्टी इतनी ज्यादा थी कि इनसे हटाई न गई।
इस बीच खबर पाकर थानाध्यक्ष पंकज पांडेय आ गए। उन्होंने तुरंत जेसीबी मशीन मंगवाई, जिससे मिट्टी हटवाकर तीनों को बाहर निकाला गया। इस बीच एक घंटे मिट्टी में दबे रहने से तीनों की सांसें थम चुकी थीं। फिर इन्हें जिला अस्पताल लाया गया। यहां डाक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
खत्रीपहाड़ प्रतिनिधि के मुताबिक एक ही परिवार मेें एक साथ तीन के जिंदा दफन हो जाने से कोहराम मच गया। गांव में भी शोक छा गया। संगीता ने 5वीं कक्षा के बाद पढ़ाई बंद कर दी थी। अब दो बहन और एक भाई परिवार में हैं।