जिला अस्पताल में जमीन पर लिटाकर बालिका को चढ़ाई जा रही बोतल।
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बांदा। बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियाें की बाढ़ के बावजूद जिला अस्पताल प्रशासन ने कोई अतिरिक्त व्यवस्थाएं नहीं की हैं। मरीजों को जमीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन काउंटर अतिरिक्त न खोले जाने से लंबी लाइनें लग रही हैं। डायरिया और बुखार के मरीजों से जिला अस्पताल फुल है।
जिला अस्पताल में लगातार बुखार व डायरिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को सभी 100 बेड फुल हो गए। लगभग आधा दर्जन मरीजों को जमीन पर लिटाया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने ट्रामा सेंटर की लाबी में ही इन्हें ग्लूकोज चढ़ाई।
डायरिया व बुखार से भर्ती होने वाले मरीजों वंदना (11) शांति नगर, शीलू (16) मटौंध, प्रेमबाबू (11) चहितारा, संपत (60) नाई, नीलम (16) शंभू नगर, दयाशंकर (75) इंदिरा नगर, मीनाक्षी (14) बलखंडी नाका, कल्ली (60) शंभू नगर, प्रीति (18) बिलगांव, दिव्या (19) अतर्रा, रोशनी (21) गायत्री नगर शामिल हैं।
अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक बुधवार को लोधू थोक निवासी विद्या देवी (15), रोहिणी (20), गोमती (20), गोमती (13), माया (35) व सूरजकली (53) को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार व डायरिया से झोलाछाप डाक्टरों की चांदी है। हालत नाजुक होने पर सीएचसी व जिला अस्पताल भेजा जाता है।