Decreased demand for DAP, Urea rises
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बांदा। रबी की अधिकांश बुआई हो जाने पर डीएपी की मांग घटकर करीब 20 फीसदी रह गई है। अब यूरिया की मांग तेजी से बढ़ी है। खाद वितरण केंद्रों में लंबी लाइनें और हंगामों के बाद भी दावा किया जा रहा है कि 4128 एमटी लक्ष्य (मांग) से ज्यादा लगभग 5190 एमटी यूरिया वितरित की जा चुकी है।
शनिवार को मंडी परिसर स्थित यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड खाद वितरण केंद्र में किसानों की लंबी लाइन रही। यहां एक हेक्टेयर पर दो बोरी की दर से यूरिया खाद दी जा रही है। एक दिन में एक किसान अधिकतम चार बोरी ही डीएपी/यूरिया ले सकता है।
सहकारी समितियों का दावा है कि 6755 यूरिया की उपलब्धता में 5190 एमटी यूरिया बांटी जा चुकी है। किसानों का कहना है कि टोकन का समय बढ़ाया जाए। सर्दी की वजह से लोग समय से केंद्र नहीं पहुंच पाते हैं। पूरा दिन बर्बाद हो रहा है। केंद्र प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि यूरिया/डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है।
लाइन में लगे, पर नहीं मिली खाद
कहला गांव के किसान रामेश्वर ने बताया कि बुआई का काम पूरा हो गया है। अब यूरिया की जरूरत है। लाइन में लगने पर भी खाद नहीं मिल रही। लुधौरा गांव की महिला किसान सबरून ने बताया कि देरी होने की वजह से टोकन नहीं मिल पाया। समय पर खाद न मिलने से फसल खराब हो सकती है।