बांदा। चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन वर्षीय मासूम के साथ हुई दरिंदगी का फैसला घटना के 98वें दिन आया। पुलिस ने इस मामले में 11 गवाह पेश किए थे। 14 जुलाई से लेकर 30 जुलाई तक इन गवाहों के बयान कराए गए थे। अंत में चार अगस्त को दोषी सुनील निषाद के भी सफाई के तौर पर बयान लिए गए थे। मामले में विवेचक रामदिनेश तिवारी ने छह जून को गवाह बाबूलाल का बयान लेकर 14 जून को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था।
न्यायलय में हुई सुनवाई के दौरान बयान दर्ज कराने के क्रम में 15 अप्रैल को मनीषा, 14 जुलाई को मोहन, 16 जुलाई को गीता, 17 जुलाई को सुरजिया दुकानदार के बयान लिए। इसके बाद 18 जुलाई को न्यायालय में स्वतंत्र साक्षी अमित कुमार निगम, 19 जुलाई को भूपेंद्र कुमार, 20 जुलाई को रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज बांदा की डॉ. रीमा आर्या, 23 जुलाई को स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता कुमार, 28 जुलाई को पंचनामा में इंदूरात व 30 जुलाई को विवेचक चिल्ला थाना रामदिनेश तिवारी के बयान दर्ज किए। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू हुई।