बसपा सरकार में काबीना मंत्री रहे दद्दू प्रसाद ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि जो मान्यवर कांशीराम की नहीं हुईं वे दलितों की क्या होंगी। दद्दू ने कहा कि वह अपनी हत्या कराने को मायावती के पास नहीं जाएंगे। उन्होंने यूपी में गुंडागर्दी का बोलबाला बताते हुए सपा सरकार पर आरोप लगाया कि जुल्म करने वाले सरकार में संरक्षण में पल रहे हैं।
बसपा से निष्कासन के बाद सामाजिक परिवर्तन मंच गठित करके उसके संयोजक बने दद्दू प्रसाद गुरुवार को यहां कचहरी गेट पर मंच के धरना और सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बसपा में टिकट बिकते हैं। बसपा ने ऐसा माहौल बना दिया है कि चुनाव पैसे के बल पर ही लड़ा जा सकता है, लेकिन ऐसा हरगिज नहीं है।
धन के आधार पर चुनाव नहीं जीता जा सकता। दद्दू ने कहा कि वह पूरे प्रदेश में भ्रमण कर बहुजन समाज बनाने के अभियान में लगे हैं। बांदा जनपद के सपहाई गुरौली गांव में देवी दयाल कुशवाहा को जिंदा जला डालने के मामले में कहा कि प्रदेश में गुंडों का दुस्साहस बढ़ा है।
इस घटना से पूरे बुंदेलखंड मेें तीव्र आक्रोश है। इस सरकार के मंत्री अफसरों और पत्रकारों को मरवा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि देवी दयाल कुशवाहा के हत्यारे शीघ्र गिरफ्तार न हुए तो परिवर्तन मंच आंदोलन की राह पकड़ेगा। कहा कि जुल्म करने वालों से ज्यादा गुनहगार जुल्म सहने वाला होता है। सामाजिक परिवर्तन मंच 26 जुलाई को आरक्षण दिवस मनाएगा। उन्होंने कहा कि सस्ता चुनाव और सस्ता लोकतंत्र हमारा नारा है।
सभा में बसपा सरकार के एक अन्य पूर्व मंत्री बशीरुद्दीन (मौदहा) समेत बृजेश प्रजापति, चंद्रशेखर प्रकाश (डीडीसी चित्रकूट), बीलाल सविता, हरी सिंह वर्मा (बुंदेलखंड प्रभारी), रामरूप बाबू, कमलापति (राठ), कलीम चौधरी (मौदहा), घनश्याम कुशवाहा, शंकरलाल, शैलेंद्र राव, रामगोपाल, जाटव, चंद्रशेखर प्रसाद अंबेडकर, विजय प्रताप सिंह, दिनेश गांधी, नौशाद अली भारतीय आदि शामिल रहे।