बांदा। आग लगने से लीकेज सिलेंडर धमाके के साथ फट
गया। इससे नवनिर्मित मकान समेत अगल-बगल के घर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे
में गृहस्वामी समेत दो छात्र घायल हो गए। इनमें से एक को जिला अस्पताल में
भर्ती कराया गया।
घटना शहर के कालूकुआं मोहल्ले की है। ओवरब्रिज के
पास वीरेंद्र प्रताप सिंह (45) का मकान है। वह छेहरांव में जूनियर स्कूल
में टीचर हैं। इनके घर में किराये पर राजीव कुमार, उसकी पत्नी अस्मिता भी
रहती हैं।
राजीव 220 बिजली सब स्टेशन में एसएसओ है। बुधवार की सुबह
अस्मिता खाना बनाने गई। वहां रखे सिलेंडर में लीकेज थी। चूल्हा जलाने के
लिए जैसे ही अस्मिता ने लाइटर जलाया सिलेंडर में आग लग गई।
शोर मचाने पर पति राजीव भी आ गए। दंपति ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटे तेज होते ही दोनों जान बचाकर भाग गए।
गृहस्वामी
वीरेंद्र और पत्नी सविता पटेल समेत किराये पर रह रहे आईटीआई छात्र वेद
प्रकाश (20) पुत्र रामसहोदर व अखिलेंद्र निगम (19) पुत्र रमेश निगम (लौड़ी,
छतरपुर) भी घर से बाहर आ गए।
कुछ ही देर में तेज आवाज के साथ
सिलेंडर फट गया। धमाके से पूरा घर क्षतिग्रस्त हो गया। दरवाजे-खिड़कियां
उखड़ गईं। खाद्य सामग्री सहित गृहस्थी का सारा सामान तहस-नहस हो गया।
दूर
तक ईंटे और सामान उछलने से गृहस्वामी वीरेंद्र सिंह, वेद प्रकाश और
अखिलेंद्र निगम जख्मी हो गए। पड़ोसियों ने तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
अखिलेंद्र को ज्यादा चोट आने पर भर्ती कर लिया गया।
पड़ोसी
चंद्रपाल सिंह और सालिगराम के घर भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।
दीवारों में दरारें और दरवाजे-खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। सिलेंडर
फटने से गृहस्वामिनी सविता और किराएदार अस्मिता सहम गईं।
पड़ोसियों
ने दोनों को ढांढस बंधाया। उधर, फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही राहगीरों
और पड़ोसियों ने आग काबू कर ली। सिलेंडर फटने से लाखों का नुकसान बताया
गया।