नरैनी (बांदा)। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए। ठगों ने उनके मित्र परवीन सिंह उर्फ विक्की का मोबाइल नंबर हैक कर व्हाट्सएप पर संदेश भेजा और तत्काल रुपये भेजने की मांग की।
मैसेज में लिखा था बहुत अर्जेंट है, 48 हजार रुपये भेज दीजिए, दो घंटे में वापस कर दूंगा। परिचित का नाम और नंबर देखकर अधिशासी अधिकारी ने विश्वास में आकर गूगल पे के माध्यम से 48 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद जब अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने अपने मित्र परवीन सिंह उर्फ विक्की से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने रुपये मांगने से साफ इन्कार कर दिया। तब ठगी का खुलासा हुआ।
मित्र ने बताया कि उनका मोबाइल फोन किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हैक कर लिया गया है और उसी के जरिए लोगों से पैसों की मांग की जा रही है। नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संदीप तिवारी ने बताया कि मामला साइबर ठगी से जुड़ा है। पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। साइबर सेल की मदद से संबंधित खाते और मोबाइल नंबर की जांच कराई जा रही है। लोगों से अपील है कि किसी भी परिचित के नाम पर पैसे मांगने पर पहले फोन कर पुष्टि जरूर करें, उसके बाद ही ऑनलाइन लेनदेन करें।
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