पुलिस कार्यालय में निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक से वार्ता करते महानिरीक्षक के.सत्यनारायण (दा
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में साइबर अपराधों के मामले दर्ज कर कार्रवाई के लिए मंडलस्तरीय साइबर क्राइम थाना शुरू किया है। मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायण ने उद्घाटन किया। थाने में स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। एक लाख रुपये से ऊपर होने वाली ऑनलाइन ठगी की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जाएगी। एक लाख से नीचे के साइबर क्राइम के मामले में कार्रवाई जिलास्तर पर चल रहे साइबर सेल करेंगे।
पुलिस लाइन में साइबर क्राइम थाने के उद्घाटन पर पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायण ने कहा कि बांदा, चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर में साइबर सेल चल रहे हैं। यहां साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए प्रयास होते रहे हैं, लेकिन इन अपराधों का अभियोग दर्ज करके विवेचना और अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को कठिनाई हो रही थी।
इसी के मद्देनजर अब मंडलस्तरीय साइबर क्राइम थाना स्थापित किया गया है। थाने का नोडल अधिकारी बांदा नगर क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्र नियुक्त किए गए हैं। थाने के इंसपेक्टर मोहम्मद फहीम अख्तर होंगे। इनके अलावा उप निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित कंप्यूटर आपरेटर और दो महिला व तीन पुलिस आरक्षी नियुक्त किए गए हैं।
साइबर क्राइम थाने में पहला अपराध तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदा गांव निवासी घनश्याम यादव पुत्र प्रताप यादव का दर्ज हुआ। इसमें बताया गया कि उसने फेसबुक पर एक वाहन कंपनी का विज्ञापन देखा था। उसमें अंकित मोबाइल नंबर पर बात कर बोलेरो कार दो लाख रुपये में तय किया। उसके बाद विज्ञापन डालने वाला गायब हो गया। उसके साथ ठगी हो गई।
पुलिस महानिरीक्षक ने मंगलवार को ही यहां पुलिस अधीक्षक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। हैप्पी टू हेल्प, मीडिया सेल आदि शाखाओं का जायजा लिया और यहां तैनात स्टाफ से जानकारियां लीं। शाखा प्रभारियों को अभिलेख अपडेट करने के निर्देश दिए। कार्यालयों की सफाई और रिकार्ड दुरुस्त होने पर संतोष जताया।