जमीन के विवाद में दिनदहाड़े बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या करने के नामजद आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया।
अभियुक्त
से वह बंदूक भी बरामद कर ली, जिसका इस्तेमाल हत्या में किया था। बंदूक
आरोपी के पिता की लाइसेंसी है। पिता के विरुद्ध भी शस्त्र अधिनियम का
मुकदमा दर्ज किया गया है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के छनेहरा लालपुर
गांव में दो दिन पूर्व 22 फरवरी को दोपहर 90 साल से अधिक उम्र के वकील अहमद
की दोनाली बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिजन मजहरुल
हसन ने पड़ोसी गांव करबई (देहात कोतवाली) निवासी मकबूल अहमद पुत्र मोहम्मद
इसहाक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अभियुक्त की गिरफ्तारी के
लिए पुलिस पर काफी दबाव था। रविवार को देर शाम गुरेह बाईपास (देहात कोतवाली
क्षेत्र) के पास थानाध्यक्ष संजय सिंह यादव के नेतृत्व में उप निरीक्षक
मुमताज अहमद और कांस्टेबल तसलीम और पवन कनौजिया की टीम ने मकबूल को
गिरफ्तार कर लिया।
उसके कस्बे से हत्या में इस्तेमाल बंदूक भी
बरामद कर ली। यह बंदूक अभियुक्त के पिता मोहम्मद इसहाक की लाइसेंसी है।
पुलिस ने पिता के विरुद्ध भी शस्त्र अधिनियम की धारा 29/30 का मुकदमा दर्ज
किया है।
सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल ने प्रेस
कांफ्रेंस में बताया आरोपी ने मृतक (वकील अहमद) के पुत्र अजीज से पांच लाख
रुपये में वर्ष 1999 में 16 बीघे जमीन ली थी। इकरारनामा हुआ था, पर बैनामा
नहीं। तीन साल पहले अजीज की मौत हो गई तो उसका पिता वकील उससे और रुपये
मांगने लगा।
हाल ही में उसने उसी जमीन को गांव के कोटेदार लियाकत
के पुत्र हशमत को बेंच दी और बैनामा भी कर दिया। इसी बात पर खफा होकर उसने
वकील की हत्या कर दी। अपर एसपी ने पुलिस पार्टी को शाबासी दी। अभियुक्त को
जेल भेज दिया गया है।