बांदा। फसल कम हुई तो किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने मौत की वजह यही बताई है। हालांकि प्रशासन घटना के पीछे घरेलू विवाद बता रहा है। सदर तहसील के बड़ेहा (देहात कोतवाली) गांव में बुधवार की रात 22 वर्षीय किसान सत्येंद्र सिंह ने अपने घर के कमरे में फांसी लगा ली।
परिजनाें ने उसे फांसी पर टंगा देखा तो फंदे से उतार कर जिला अस्पताल लाए। यहां इलाज के बावजूद वह बच नहीं सका। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। गुरुवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के पिता रूपराम ने बताया कि उसके नाम 14 बीघा जमीन है।
सत्येंद्र के नाम भी दो बीघा जमीन है। चना, मसूर और मटर की फसल खराब खराब हो गई। गेहूं में भी बेहद कम पैदावार हुई। यह हालात देखकर सत्येंद्र काफी तनाव में था। बताया कि रात को सत्येंद्र ने पत्नी राधा को ठंडा पानी लेने के लिए भेज दिया। उसके जाते ही फांसी लगा ली।
राधा लौटी तो उसे कमरे में फांसी पर टंगा देखकर शोर मचाया और परिजनों को बुलाया। घर वालों ने उसे तत्काल फंदे से उतारा और जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां लगभग एक घंटे बाद उसकी मौत हो गई। तीन साल पहले उसकी शादी हुई थी।
डेढ़ वर्ष का पुत्र है। उधर, एसडीएम अनुज सिंह का कहना है कि मृतक का परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। खेती-किसानी भी ठीक है। एसडीएम का कहना है कि घरेलू विवाद के चलते फांसी लगा कर जान दी। आर्थिक मदद के लिए जांच कराई जा रही है।