इटर्रा बढ़ौली गांव में दोहरी हत्या को लेकर ग्रामीणों में यह भी चर्चा है कि यह घटना ऑनरकिलिंग की है। युवती और उसके प्रेमी को मौत के घाट उतारने वाले कहीं दूर के नहीं बल्कि घर और खानदान के ही हैं। एक युवक के बारे में बताया गया कि वह सूरत में रहकर काम करता है। उधर, पिता की कई साल पूर्व मौत के बाद अब मां की हत्या हो जाने से पूरी तरह अनाथ दोनों बच्चों की परवरिश ननिहाल में होगी।
सुनीता देवी की ससुराल में आपसी बंटवारे हो चुका था। सुनीता के पति रामनिहोर यादव के तीन और भाई हैं। इनमें दो परदेस में रहकर मजदूरी करते हैं, जबकि दो भाई गांव से दो किलोमीटर दूर कलेक्टर पुरवा में खेती करते हैं। वहीं रहते भी हैं। सुनीता की सास भी उन्हीं के साथ रहती है। गांव वालों के मुताबिक सुनीता का आचरण और व्यवहार अच्छा न होने से ससुराल में जेठों से नहीं पटती थी।
बंटवारे के बाद वह रह रही थी। साथ में उसके दोनों बच्चे थे। यह भी चर्चा है कि कई माह पूर्व तीन अज्ञात युवक सुनीता के घर आए थे। अंजान लोगों को उसके घर देखकर गांव वालों ने विरोध किया था और दो को दबोच लिया था, लेकिन सुनीता ने उन्हें छुड़वा दिया था। घटना क्रम के बारे में बताया गया है कि मंगलवार की रात तीन युवक सुनीता के घर आए थे। उन्होंने उसके दोनों बच्चों को घर के दूसरे कमरे में सुलवा दिया था। दो युवक कहीं लापता हो गए। एक सुनीता के साथ रुक गया।
इसी दौरान अज्ञात लोगों ने दोनों की हत्या कर दी। घटना के कई घंटों तक मृतक युवक के भाई बलराज ने बताया कि रामऔतार अविवाहित था और उसकी शादी चौरा गांव में तय हो गई थी। वह मंगलवार को शाम 4 बजे तक पहाड़ी में पालेश्वरनाथ मेले में था। कहीं से उसकी बार-बार काल आ रही थी। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज भेज दिए गए।