खेत गिरवी रखकर सूदखोरों से कर्ज लेने वाले युवा किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह दिल्ली में मजबूरी करता था। कुछ दिन पहले गांव आया था। गुरुवार को उसे वापस दिल्ली जाना था। दूसरी घटना में गरीबी के चलते युवक साड़ी के फंदे में लटक गया। उसकी वहीं मौत हो गई।
बिसंडा थाना क्षेत्र के उमरेंहडा गांव में बद्दन उर्फ चंदन सिंह (18) पुत्र शिवबरन ने बुधवार की रात कमरे में चादर से फांसी लगा ली। गुरुवार को सुबह चचेरे भाई दिवाकर ने शव फंदे पर लटका देखा और परिजनों व पुलिस को सूचना दी। मृतक के भाई दीपू सिंह और चचेरे भाई धर्मराज सिंह ने बताया कि मृतक के नाम चार बीघा जमीन है। कई माह पूर्व उसने जमीन गिरवी रखकर साहूकारों से कर्ज ले लिया था। अदायगी न होने पर साहूकार जमीन हड़पने की फिराक में थे। बद्दन दिल्ली में मजदूरी करता था। चचेरे भाई दिवाकर की 11 मई को शादी थी। इसी में शामिल होने के लिए आया था। भाई दीपू सिंह की तहरीर पर बिसंडा थाना पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया है।
उधर, गिरवां थाना क्षेत्र के बंडे गांव निवासी बुद्दा (26) पुत्र बिंदा धुरिया ने गुरुवार को दोपहर घर में साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। उसकी वहीं मौत हो गई। पिता बिंदा ने बताया कि बुद्दा की शादी दो साल पहले चित्रकूट जनपद के पहाड़ी गांव निवासी रानू के साथ हुई थी। एक वर्षीय पुत्र भी है। पत्नी दो माह पूर्व मायके चली गई थी। घटना के समय घर में अकेला था। मजदूरी करता था। पत्नी रानू ने बताया कि गरीबी के चलते पति ने ऐसा कदम उठाया है। उधर, देर तक गिरवां थाना पुलिस के न पहुंचने पर करीब दो घंटे तक बुद्दा का शव फंदे पर लटका रहा। पुलिस की इस संवेदनहीनता पर परिजनों और ग्रामीणों ने रोष जताया।