बांदा। शादी के 22 साल बाद भी बच्चे न होने पर ससुराल वालों के बांझ जैसे शब्दों के तानों से तंग आकर आत्महत्या कर लेने वाली महिला के पति को अदालत ने दोषी पाते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सजा 28 मार्च (सोमवार) को सुनाई जाएगी। ससुराल के पांच सदस्यों को बरी कर दिया गया है।
मामला अतर्रा थाना क्षेत्र के मूसानगर का है। यहां के राकेश वर्मा ने 4 मई 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन रेखा की शादी बिसंडा थाना क्षेत्र के अमवा गांव मेें रजउवा के साथ की थी। शादी के बाद रेखा के कोई संतान नहीं हुई। उम्र लगभग 38 वर्ष हो गई।
इस पर ससुराल के लोग उसे बांझ कहकर ताने देने और प्रताड़ित करते रहे। तंग आकर रेखा ने 2 मई 2014 में ससुराल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने पति रजउवा, ससुर चुन्ना, जेठ जमाहिरा, जेठानी झिंगुरी, देवर बहुरिया, देवरानी लच्छी के विरुद्ध धारा 306 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत मेें आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किए। शुक्रवार को द्वितीय त्वरित न्यायालय न्यायाधीश नरेश कुमार ने इस मामले में पति रजउवा को दोषी पाते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया और पांच अन्य ससुरालियों को बरी कर दिया। सजा पति को सजा 28 मार्च को सुनाई जाएगी। अभियोजन की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता कैलाश चौबे व चुनूबाद प्रसाद ने पैरवी की।