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एक वर्ष में ढाई सौ पाकिस्तानी कॉल बलराम को आईं

Mon, 13 Feb 2017 11:41 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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जासूसी में पकड़ा गया बलराम सिंह। - फोटो : amarujala
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आईएसआई के एजेंटों तक पैसा पहुंचाने और पाकिस्तान की जासूसी करने के आरोप में मध्य प्रदेश एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) द्वारा सतना (एमपी) में दबोचे गए बांदा जनपद के  पैतृक गांव देउरा (जौहरपुर) निवासी बलराम सिंह के बारे में एमपी की एटीएस अभी छानबीन में जुटी हुई है। मंगलवार (14 फरवरी) तक वह रिमांड पर एमपी पुलिस के कब्जे में है। जल्द ही एटीएस टीम बलराम के पैतृक गांव देउरा आ सकती है। उधर, उसके पैतृक गांव में रह रहे बाबा व अन्य परिजन तथा ग्रामीण अभी भी हैरत में हैं कि यहां गांव में बेहद सीधा सादा रहा बलराम इतना बवाली कैसे हो गया? वहीं एमपी के एटीएस अधिकारियों का कहना है कि बलराम के पास पाकिस्तान से मोबाइल फोन पर कॉल आते थे। पिछले एक वर्ष में करीब ढाई सैकड़ा पाकिस्तानी कॉल उसने रिसीव किए।
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हाल ही में बांदा जनपद की सरहद से जुड़े सतना में वहां की एटीएस ने बलराम सिंह को गिरफ्तार किया। एटीएस ने 10 अन्य लोग भी एमपी के विभिन्न जनपदों में दबोचे हैं। इन सभी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम और जासूसी करने के आरोप हैं। इस गिरोह का सरगना बलराम को ही बताया जा रहा है। फिलहाल बलराम 14 फरवरी तक रिमांड पर भोपाल पुलिस के कब्जे में है।

एमपी के एटीएस अधिकारियों का कहना है कि बलराम के पास पाकिस्तान से मोबाइल फोन पर कॉल आते थे। पिछले एक वर्ष में करीब ढाई सैकड़ा पाकिस्तानी कॉल उसने रिसीव किए। एटीएस की पड़ताल के मुताबिक वर्ष 2013 में वह आईएसआई के संपर्क में आया। उसी के बाद उसने आईएसआई में अपनी पैठ बढ़ा ली और हवाला आदि के जरिए पाकिस्तान से अपने खातों में पैसा मंगाकर कश्मीर में आईएसआई एजेंटों को पहुंचाने में महारत हासिल कर ली।
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यह भी बताया जा रहा है कि बलराम सबसे अहम कोरियर की भूमिका में था। पाकिस्तानी हैंडलर्स से आई रकम को वो हवाला के जरिए आईएसआई के जासूसों तक पहुंचाता था। उसके माता-पिता व मकान सतना जनपद के सोहास गांव में है। बलराम सिंह की मां सरोज देवी का कहना है कि उसका बेटा दंदी-फंदी नहीं था।

जाने किस लालच में आ गया। ऐसे काम से पता नहीं क्यों डरा भी नहीं? मां के मुताबिक कभी-कभार दो-चार दिन के लिए गांव आता था और सतना जाने को कहकर गांव से निकल जाता था। नशापत्ती आदि की भी लत नहीं थी। मां का कहना है कि उसने कभी घर में कोई पैसा नहीं दिया। बल्कि अक्सर घर से ही मांगकर पैसा ले गया।
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