बांदा। मुख्य सड़क पर लूट और मारपीट के मामले में देहात कोतवाली पुलिस ने नौ दिन बाद दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह दोनों लूट में शामिल थे। उनके पास से पांच हजार रुपये और एक तमंचा बरामद हुआ है। हालांकि लूट 11 हजार रुपये और बैंक की रसीदें आदि की हुई थी। यह मामला डीजीपी की वेबसाइट तक पहुंच गया था।
21 जुलाई को तड़के बाइक पर बबेरू से हथौरा जा रहे मदरसा शिक्षक जान मोहम्मद को बबेरू-हथौरा रोड पर नौमील गांव के पास अज्ञात लोगों ने लाठी मारकर गिरा दिया था और 11 हजार रुपये तथा हज के लिए बैंक में जमा रसीद, मोबाइल आदि लूट लिया था। देहात कोतवाली में लूट की रिपोर्ट धारा 394/411 दर्ज हुई थी।
लेकिन देहात कोतवाली पुलिस अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। डीजीपी के गृह जनपद में देहात कोतवाली पुलिस की ढिलाई की खबर 27 जुलाई को ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से छपी। मामला डीजीपी की वेबसाइट तक पहुंचा।
रविवार को देहात कोतवाली पुलिस ने अपने थाना क्षेत्र के जारी गांव निवासी लवकुश पुत्र मोतीलाल और राममिलन पुत्र बल्देव को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट के क्रमश: 2200 व 2800 तथा एक तमंचा बरामद किया है। हालांकि लूटी गई बैंक की रसीदें आदि नहीं मिली हैं।
दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया। उधर, बदौसा थाना पुलिस ने वकीलनपुरवा निवासी मुन्ना ओझा पुत्र रामसनेही को गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध कोर्ट से वारंट जारी था। पुलिस के मुताबिक वह हिस्ट्रीशीटर है। उधर, पैलानी पुलिस ने सिंधनकलां गांव निवासी धीरेंद्र सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह को नौ लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया।
-डीजीपी तक मामला पहुंचने पर पुलिस की नींद टूटी
-बदौसा पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर को पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो