बांदा। किशोरी को उसके ननिहाल से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में दोष सिद्ध न पाए जाने पर अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया।
कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय किशोरी ननिहाल में रहकर विद्यालय परीक्षा देने जा रही थी। 14 अप्रैल 2016 को बउवा पुत्र खिलावन, खिलावन पुत्र टिरियां निवासीगण गांव गंगापुरवा थाना धरमपुर जिला पन्ना (एमपी) उसे भगा ले गए थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 366 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करके चार्ज शीट न्यायालय में दाखिल कर दिया था। बुधवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई करने के बाद पत्रावली का अवलोकन करते हुुए।
दोनों आरोपी बाप, बेटा पर दोष सिद्ध न पाए जाने पर दोष मुक्त कर दिया। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता अखिलेश कुमार त्रिपाठी, अनिल तिवारी ने पैरवी की।