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एमपी के ग्रामीणों ने जबरन खोला बांधा का फाटक

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बांदा। बांधों में यूपी के पानी पर शुरू से ही गिद्धदृष्टि रखने वाले एमपी के ग्रामीणों ने एक बार फिर बांध से पानी लूटने की कोशिश की। बांध का गेट जबरन खोल दिया। वहां मौजूद बांदा सिंचाई विभाग के कर्मियों ने तत्काल गेट बंद किए। इस बीच लगभग 20 क्यूसिक पानी बह गया। बांध में बचाखुचा पानी नहर चलाकर पशुओं के लिए तालाब भरने को है। 8 मई से नहर चलनी है।
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गंगऊ और रनगवां तथा बरियारपुर बांधों के पानी को लेकर यूपी-एमपी में बंटवारा है। तीनों बांध का रखरखाव बांदा का सिंचाई विभाग करता है। बरियारपुर वियर से बांदा और छतरपुर के लिए अलग-अलग नहरें निकली हैं। दोनों सूबे अपने हिस्से का पानी इन्हीं नहरों से लेते हैं। इन दिनों बरियारपुर वियर डेड स्टोर पर है। तलहटी पर जो पानी है उसे पशुओं के लिए सुरक्षित किया गया है। बांदा का सिंचाई विभाग केन नहर प्रखंड व सिंचाई प्रखंड तृतीय 8 मई से यह पानी केन नहर में छोड़ेगा। ताकि तालाब भरे जा सकें।

इसी बीच मंगलवार की रात बरियारपुर बांध के नजदीक आबाद मध्य प्रदेश के खोई गांव के लोगों ने बांध का रिवर्स सेल्यूट गेट जबरन खोल दिया। इससे बांध का पानी केन नदी में बहने लगा। कुछ ही देर में मौके पर बांदा सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने तत्काल फाटक पुन: बंद कर दिया।
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अवर अभियंता भीखम सिंह ने बताया कि तत्काल फाटक बंद कर दिए जाने से ज्यादा पानी नहीं बहा। फिर भी लगभग 20 क्यूसिक पानी डिस्चार्ज हुआ है। केन नदी सूख जाने से बांध के आसपास के गांवों में भी पानी का संकट है। उधर, केन कैनाल एसडीओ कमल किशोर ने बताया कि जांच के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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