बांदा। दो शिक्षकों के ऋण आवेदन में फर्जी हस्ताक्षर बनाने के मामले में बीएसए ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने जारी पत्र में खुद ही स्वीकार किया है कि सहायक अध्यापकों ने ऋण आवेदन में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। लेकिन आदेश जारी होने के 12 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर तो दूर अन्य कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है।
बबेरू ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पिंडारन भाग-एक के सहायक अध्यापक बृजकिशोर व कमासिन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय क्योटरा के सहायक अध्यापक आनंद सिंह ने 17 सितंबर को डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक में पांच-पांच लाख रुपये ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। बैंक ने जांच के दौरान स्वीकृति पत्र में बीएसए के हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने पर इसकी जानकारी बीएसए को दी।
बीएसए रामपाल सिंह ने 23 सितंबर को दोनों शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। लेकिन दोनों शिक्षकों ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। इस पर 28 सितंबर को बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी कमासिन व बबेरू को आदेश दिए कि दोनों शिक्षकों के विरुद्ध धोखाधड़ी करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराकर अवगत कराएं। लेकिन आदेश जारी होने के 12 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी शिक्षकों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
कोतवाली प्रभारी का कहना है कि शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कोई भी तहरीर खंड शिक्षाधिकारियों ने आज तक नहीं दी है। वहीं, खंड शिक्षाधिकारी कमासिन जगत सिंह राजपूत व खंड शिक्षाधिकारी बबेरू आनंद कुमार का कहना है कि आदेश जारी करने के बाद बेसिक शिक्षाधिकारी ने उन्हें कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने से मना कर दिया था।
उधर, बेसिक शिक्षाधिकारी रामपाल सिंह का कहना है कि जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए गए थे। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।