कई बार बांदा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोहरत दिला चुके शजर पत्थर ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना मुकाम हासिल किया है। बुंदेलखंड में शजर पत्थर के दक्ष हस्तशिल्पी द्वारिका सोनी को तंजानिया (साउथ अफ्रीका) में सम्मानित किया गया है।
बांदा की केन नदी में पाया जाने वाला शजर पत्थर विदेशों में खास पहचान रखता है। यहां के हस्तशिल्पी इसे विभिन्न आकार देकर इसकी शोहरत में चार चांद लगाते रहते हैं।
इसमें हस्तशिल्पियों को भी सम्मान और मुकाम मिलता है। शजर पत्थर को आकार देने में दक्ष हस्तशिल्पी द्वारिका सोनी को हाल ही में 8 जुलाई को साउथ अफ्रीका के शहर तंजानिया में 39वें दारस्सलाम इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में सम्मानित किया गया।
इसका आयोजन तंजानिया ट्रेड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने किया था। श्री सोनी द्वारा निर्मित शजर पत्थर की कलाकृतियां और मॉडल सराहे गए। सम्मान के मौके पर भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय (हस्तशिल्पी) के डेवलपमेंट कमिश्नर और तंजानिया में भारत के राजपूत वेदनाथ शाह ने प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न सौंपा।
भारतीय दूतावास के अशोक कुमार और शैलेंद्र कुमार चौधरी भी उपस्थित थे। सम्मान हासिल करने के बाद सोमवार को अपने गृह नगर बांदा लौटे श्री सोनी को ढेरों बधाइयां मिलीं। उन्होंने कहा कि शजर पत्थर से बनी कलाकृतियों और मॉडलों की विदेशों में मांग की जा रही है।