बांदा। बाड़ ही जब खेत को खाने लगे, तो फसल की फिक्र कौन करे। कुछ ऐसा ही हाल व्यवस्था का भी है।
दो बच्चों की मौत के बाद सुर्खियों में आए आवासीय विद्यालय को डीआईओएस दिनेश कुमार ने क्लीन चिट दे दी। शुक्रवार को वह यहां कक्षा आठ तक की मान्यता लेकर कक्षा दस तक की कक्षाएं संचालित होने की जांच करने पहुंचे थे। स्कूल के खाली कमरों की गिनती कर डीआईओएस ने विद्यालय संचालक को क्लीन चिट दे दी है।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कक्षा नौ और 10 के संचालन का प्रमाण नहीं मिला है। ऐसा इसलिए क्योंकि विद्यालय में कुल छह कमरे, दो हॉस्टल व एक प्रिंसिपल कक्ष ही है। छह कमरे व दो हॉस्टल को मिलाकर आठ कमरे हुए। आठ कमरों में आठ तक की कक्षाएं चलती हैं। नौ और 10 के लिए अलग कमरे होने चाहिए, जो वहां नहीं हैं।
हालांकि डीआईओएस ने जांच के समय इस बात का ध्यान नहीं दिया कि दो हॉस्टल में 34 बच्चे रहते हैं। जहां उनके सोने के लिए तख्त बिछी हुई रहती है। उसके नीचे उनके बक्से रखे होते है। ऐसे में हॉस्टल में कक्षाएं नहीं चलती हैं। जांच के समय इस बात को ध्यान नहीं दिया गया कि शेष छह कमरों में कक्षा आठ तक की कक्षा भी नहीं चल सकती हैं।
फिलहाल ने कहा कि उन्हें कक्षा नौ व 10 संचालन के प्रमाण नहीं मिले हैं। प्रबंधक ने भी कक्षा नौ व दस का संचालन करने से इन्कार किया है। जबकि घटना के बाद जब हंगामा हुआ था तो कक्षा 10 के छात्र विद्यालय में मौजूद थे और सभी बच्चों ने कक्षा दस के संचालन की पुष्टि की थी।
इतना ही नहीं विद्यालय की ओर से अपने पोस्टर में भी कक्षा दस संचालन का दावा किया गया है जो झील का पुरवा की गली-गली में चिपके हुए हैं। डीआईओएस ने बताया कि बृहस्पतिवार को जीआईसी पैलानी के प्रधानाचार्य रावेंद्र सिंह व एक अन्य जीआईसी के प्रधानाचार्य प्रहलाद गुप्ता को जांच के लिए बृहस्पतिवार को भेजा गया था। इसके बाद वह शुक्रवार को खुद पहुंचे हैं।
मान्यता प्रत्याहरण के नोटिस का जवाब नहीं
बांदा। बीएसए अव्यक्त राम तिवारी ने बताया कि विभाग की ओर से विद्यालय के संचालक को मान्यता प्रत्याहरण का नोटिस दिया गया है। इसका जवाब अभी तक संचालक की ओर से नहीं दिया गया है। नियमानुसार विभाग 15-15 दिन के अंतराल में तीन बार नोटिस भेजेगा। जवाब नहीं मिलने पर विभाग कार्रवाई के लिए आगे बढ़ेगा। (संवाद)
सील हो सकता है विद्यालय का भवन
बांदा। डीएम अमित आसेरी के निर्देश पर अग्निशमन विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विद्यालय की इमारत को एनओसी नहीं दी गई है। विद्यालय में हॉस्टल के बगल में ही रसोई और यहां गैस की पाइप लाइन भी लगी हुई है। आने-जाने का केवल एक ही रास्ता है। माना जा रहा है कि मानक के विपरीत स्कूल संचालन करने पर अग्निशमन विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भवन को कभी भी सील कर सकती है। (संवाद)
मासूमों की मौत से लोगों में रोष, डीएम कार्यालय पहुंचे परिजन
बांदा। झील का पुरवा स्थित आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंच गए। परिजन ने पहले एक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की।
कुछ देर बाद डीएम अमित आसेरी के पहुंचते ही पीड़ित परिवार उनके पास पहुंच गया। डीएम ने परिजन को अपने कार्यालय में बैठाकर उनकी बात सुनी और जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
थाना गिरवां क्षेत्र के सरस्वाह निवासी सुनील कुमार, मृतक छात्र नितिन के पिता और चिल्ला क्षेत्र के महेंदू निवासी विजय पाल, मृतक छात्र अरुण के दादा, परिजनों और ग्रामीणों के साथ सुबह करीब 11 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। महिलाओं के रोने की आवाज सुनकर एडीएम कुमार धर्मेंद्र बाहर आए और परिजनों से बातचीत कर ज्ञापन लिया।
करीब आधे घंटे बाद डीएम अमित आसेरी कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ने दोनों परिवारों को अपने कार्यालय में बैठाया और उनके सामने ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन कर मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम के सामने गश खाकर गिर पड़ीं नितिन की दादी
डीएम कार्यालय के बाहर परिजनों से बातचीत के दौरान अचानक मृतक छात्र नितिन की दादी पुनिया गश खाकर गिर पड़ीं। उन्हें गिरता देख डीएम और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल संभाला। कुर्सी पर बैठाकर पानी पिलाया गया। परिजन ने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन ने समय पर घटना की सूचना तक नहीं दी। बच्चों के इलाज में भी लापरवाही बरती गई। महिलाओं ने दूषित भोजन दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय की कथित लापरवाही के कारण दो परिवारों को अपने बच्चों को खोना पड़ा।
बीएसए कार्यालय जाने से पहले डीएम ने लिया पत्र
कलक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराने के बाद परिजन विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर बीएसए कार्यालय जाने की तैयारी में थे। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने बीएसए को संबोधित उनका पत्र खुद ले लिया और तत्काल संबंधित अधिकारियों को जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम अमित आसेरी ने परिजन को भरोसा दिलाया कि प्रकरण उनके संज्ञान में है और मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। परिजनों से धैर्य रखने को कहा गया और आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सीसीटीवी चेक करे पुलिस, डीवीआर लेकर आएं : डीएम
बांदा। झील का पुरवा स्थित बीएल विद्या मंदिर निजी आवासीय एवं दैनिक विद्यालय में 17 अगस्त को हुई दो बच्चों की मौत के मामले में डीएम अमित आसेरी ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कोतवाली नगर पुलिस को तुरंत विद्यालय खुलवाकर वहां की सीसीटीवी फुटेज चेक करने और डीवीआर लाने के आदेश दिए हैं।
इस मामले में मृतक बच्चों के परिजन ने विद्यालय प्रबंधक पर नियमों को दरकिनार कर विद्यालय के संचालन का आरोप लगाया है। इस पर डीएम अमित आसेरी ने तुरंत अग्निशमन विभाग, विद्युत निगम, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को विद्यालय की जांच कर तुरंत रिपोर्ट देने को कहा है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मतलूब हसन ने बताया कि विभाग के आवासीय विद्यालय इमारत का कोई रिकाॅर्ड नहीं है और न ही विभाग की ओर से उन्हें एनओसी दी गई है। इसी तरह से बिजली विभाग के एक्सईएन टाउन राजीव रंजन ने बताया कि उन्हें जांच के निर्देश मिले थे। विद्यालय में बिजली कनेक्शन की जांच की गई है तो व्यावसायिक कनेक्शन पाया गया है। विद्यालय में बिजली का लोड और बिल संबंधी जांच की जा रही है।
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मोमोज वाले को चिह्नित करें और लेकर आएं
बांदा। डीएम ने कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया है कि 16 अगस्त की शाम को विद्यालय में जिस दुकान से मोमोज और फिंगर खरीदकर लाया गया था। उस दुकानदार को हर हाल में चिह्नित करें। मोमोज व फिंगर महाराणा प्रताप चौक स्थित एक ठेले से खरीदने की बात विद्यालय के बच्चों ने बताई थी।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से महाराणा प्रताप चौक के आसपास के दुकानदारों के यहां छापा मारी कर सैंपल लिए गए हैं। हालांकि अभी तक वह दुकानदार सामने नहीं आया है। डीएम अमित आसेरी ने कहा कि दुकानदार को खोजकर लाया जाए।
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विसरा जांच के लिए नहीं भेजने पर जताई नाराजगी
बांदा। डीएम से मिले परिजन कोतवाली पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों के विसरा को अब तक जांच के लिए प्रयोगशाला नहीं भेजा गया है। प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद ही विसरा को जांच हेतु आगे भेजा जाता है।
बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज हुई है। शुक्रवार व शनिवार को प्रयोगशाला में विसरा नहीं रिसीव होता है। रविवार को अवकाश होता है। सोमवार को विशेष वाहक के जरिये विसरा को जांच हेतु भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए निर्देश मिले हैं। पुलिस टीम विद्यालय जाकर यह काम करेगी।
फोटो-15- कलक्ट्रेट में पीड़ित परिवार की महिलाओं की शिकायत सुनते डीएम अमित आसेरी। संवाद