नरैनी। गुढ़ाकलां पंप कैनाल की तीसरी साइफन में कथित तौर पर अनियमित तरीके से दीवार खड़ी करने से करीब 200 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है।
जल निकासी बाधित होने से धान, तिल और मूंग की फसलें पानी में डूबी हैं। इससे परेशान किसानों ने उपजिलाधिकारी से जांच कराने और पानी की निकासी की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।
तहसील क्षेत्र के बसराही अंश गुढ़ाकलां निवासी देवदयाल, बाबूराम पांडे, किशोरीलाल, रामसनेही पटेल, मुन्ना निषाद, कमलेश, भरतलाल, वंशगोपाल समेत कई किसानों ने आरोप लगाया कि गुढ़ाकलां पंप कैनाल में तैनात जेई ने तीसरी साइफन में दीवार खड़ी करा दी है। इसके चलते खेतों से बारिश के पानी की निकासी रुक गई है। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी लबालब भर गया है।
उन्होंने कहा कि पहले जलभराव का पानी इसी साइफन के रास्ते निकल जाता था लेकिन दीवार बन जाने के बाद निकासी बंद हो गई। पानी भरने से धान, तिल और मूंग की फसलें डूब गई हैं। यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो फसलें पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं। किसानों ने पंप कैनाल के संबंधित जेई पर मौके पर नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने का भी आरोप लगाया।
उनका कहना है कि जेई का आवास जिला मुख्यालय में होने के कारण वह मौके पर कम ही आते हैं। किसानों ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
बोले किसान-निकासी की व्यवस्था नहीं
जेई ने दीवार खड़ी कराने से पहले खेतों के पानी के निकासी की कोई व्यवस्था नहीं कराई। खेत पानी से लबालब हैं, जिससे फसलों को खतरा है।
-मुन्नीलाल
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खेत में फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। खेत नदी जैसे बन गए है, इससे जल्द ही फसल सड़ जाएगी, किसानों को काफी नुकसान होगा।
-रामसनेही