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जेल अधीक्षक, चीफ इंजीनियर को नोटिस

Sat, 29 Aug 2015 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलग-अलग मामलों में आदेशों का पालन न करने पर बांदा जेल के वरिष्ठ अधीक्षक और पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर के खिलाफ अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया है।
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हमीरपुर जेल में प्रधान बंदी रक्षक पद पर तैनात रहे नत्थूराम सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जेल विभाग ने उनके बकाया भुगतान नहीं किए। इस पर उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिट दायर कर दी। 11 दिसंबर 2014 को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजेश दयाल खरे ने जेल अधीक्षक को तीन माह के अंदर बकाया भुगतान करने के आदेश दिए।

जेल अधीक्षक ने इस पर अमल नहीं किया। रिटायर्ड बंदी रक्षक नत्थूराम ने अवमानना की रिट दाखिल कर दी है। इस पर हाईकोर्ट ने मंडल कारागार बांदा के अधीक्षक हरबख्श सिंह को 28 सितंबर को उच्च न्यायालय में उपस्थित होकर शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।
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दूसरे मामले में महोबा में बिजली विभाग में माली पद पर कार्यरत रही सुरतिया की मौत पर उसके बेटे सुभाष चंद्र यादव ने अपनी नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। कहीं सुनवाई न होने पर सुरेश ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी।

हाईकोर्ट ने 28 मार्च 2014 को पॉवर कार्पोरेशन को आदेश दिए थे कि मृतक आश्रित को नियुक्ति दी जाए। फिर भी कारपोरेशन ने नियुक्ति नहीं की। पुत्र सुरेश ने कोर्ट से गुहार लगाई। इस पर उच्च न्यायालय ने मुख्य अभियंता एके सक्सेना को अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही 22 सितंबर 2015 को हाईकोर्ट में उपस्थित होकर शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

मंडल जेल अधीक्षक और बिजली विभाग के मुख्य अभियंता के खिलाफ जारी अवमानना की नोटिसें हाईकोर्ट ने यहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेेट को भेजकर तामील कराने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेेट ने दोनों नोटिसें शहर कोतवाली प्रभारी को भेजकर आदेश दिया है कि 3 सितंबर 2015 के पूर्व नोटिस तामील कराकर अदालत को आख्या भेजें।
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