परिषदीय स्कूलों में टायलेट निर्माण के लिए एक बार फिर मोहलत बढ़ा दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले माह स्कूलों को 15.20 लाख रुपये जारी करते हुए 15 मई तक शौचालयों की मरम्मत व निर्माण करने का आदेश दिया था। बाद में इसे बढ़ाकर 21 मई कर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने मौजूदा मौसम में मजदूर न मिलने की दलील देकर निर्धारित अवधि में शौचालय निर्माण से हाथ खड़े कर दिए। अब एक बार फिर बीएसए ने अवधि बढ़ाते हुए 27 मई कर दी है। हाल ही में परियोजना निदेशालय ने बीएसए से शौचालयों के निर्माण संबंधी जानकारी तलब की है।
गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ ने 4 अप्रैल के अंक में ‘शिक्षासत्र में छात्र-छात्राओं को सताएगा ‘टायलेट टेंशन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें स्कूलों के 173 शौचालय निष्प्रयोज्य और 209 स्कूलों में निर्माण के सालों बाद ताले न खुलने का जिक्र था।
18 अप्रैल को राज्य परियोजना निदेशक ने धनराशि जारी करते हुए शीघ्र टायलेट बनवाने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी सक्रियता दिखाई और विद्यालयों के खातों में 20 अप्रैल को शौचालय और कक्षों आदि के लिए 2 करोड़ 98 लाख रुपये की धनराशि भेज दी। 70 हजार रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से 11 टायलेट बनने हैं। इसके अलावा 30 शौचालयों की मरम्मत को विभाग ने साढ़े 7 लाख रुपये जारी किए हैं।
बीएसए ने निर्माण कार्य से संबंधित कर्मियों को अवकाश न दिए जाने की हिदायत दी थी। उधर, सर्व शिक्षा अभियान जिला कोआर्डिनेटर डीके मिश्रा ने बताया कि 15 मई तक नए शौचालय निर्माण और पुराने शौचालयों के मरम्मत का कार्य पूरा होना था, लेकिन अभी 18 शौचालयों की मरम्मत की रिपोर्ट आई है।
11 शौचालय निर्माणाधीन हैं। अब बीएसए डा. सत्यनारायण ने शौचालय का काम पूरा करने की अंतिम तिथि 27 मई तय कर दी है। साथ ही कहा है कि इस अवधि में हर हाल में शौचालयों का काम पूरा हो जाए।