बांदा और पैलानी तहसील के गांवों के किसानों को मिलेगा जमीनों का मालिकाना हक
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। किसानों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार के चकबंदी निदेशालय ने जिले के दो तहसीलों के अंतर्गत आने वाले चार गांवों में चल रही चकबंदी की सभी प्रक्रियाओं को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित कर दिया है। उत्तर प्रदेश की चकबंदी संचालक अपर्णा यू ने इस संबंध में अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई है।
चकबंदी संचालक द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम, 1953 (उ.प्र. अधिनियम संख्या-5, सन् 1954 ई.) की धारा-52 की उपधारा (1) के अधीन निर्गत सरकारी अधिसूचना संख्या के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए शासन ने इन गांवों में चकबंदी के समापन पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।
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किसानों को क्या होगा फायदा?
चकबंदी प्रक्रिया आधिकारिक रूप से समाप्त होने के बाद अब इन चारों गांवों के किसानों को अपनी जमीनों के नए और अंतिम चक (खेत) आवंटित हो जाएंगे। इसके साथ ही, भूमि विवादों में कमी आएगी और किसान अब बिना किसी असमंजस के अपने नए खेतों पर स्थायी रूप से खेती और सुधार कार्य कर सकेंगे। भू-अभिलेखों (खतौनी आदि) को भी अब नए चकों के अनुसार अपडेट कर दिया जाएगा।
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इन ग्रामों को मिलेगा लाभ
तहसील परगना ग्राम का नाम
बांदा बांदा बहिंगा
बांदा बांदा अरसौड़ा
पैलानी खप्टिहाखुर्द बांगर
पैलानी मुडौली कलां बांगर