लखनऊ में 17 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कांग्रेसियों पर की गई लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को कार्यकर्ताओं ने जिले भर में विरोध-प्रदर्शन किया। इस बीच कांग्रेसियों की पुलिस से कई जगह तीखी झड़पें भी हुईं।
मंडल मुख्यालय में कांग्रेसियों ने प्रदेश सचिव राजेश दीक्षित की अगुवाई में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। लाठीचार्ज को सरकार की तानाशाही करार दिया। नगर अध्यक्ष राजबहादुर गुप्ता, कालीचरण निगम, रामजी दीक्षित, शाकिर मंसूरी, राजकुमार, शब्बीर सौदागर इत्यादि शामिल रहे।
नरैनी प्रतिनिधि के अनुसार नगर में जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार शुक्ला की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने सपा मुखिया का पुतला फूंका। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। इस बीच कांग्रेसियों व पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई।
पूर्व विधायक रामेश्वर भाई, संगठन मंत्री साकेत बिहारी मिश्र, राजाराम यादव, राघवेंद्र चतुर्वेदी, राजबहोर, जहांगीर खान, ओममणि वर्मा, डा.रमाशंकर, बालगोविंद त्रिपाठी, मनोज मिश्रा, हरीकृष्ण वर्मा, जयपाल सिंह मौजूद रहे। अतर्रा में जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका।
यहां भी पुलिस से कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हुई। सोमचंद्र जाटव, अरुण उपाध्याय, कैलाशनाथ वाजपेयी, संतोष द्विवेदी, रावेंद्र चतुर्वेदी, बद्री प्रसाद गुप्ता, सुलेमान खां, अशोक रैकवार, आशीष गुप्ता, श्यामबाबू इत्यादि मौजूद रहे। बबेरू और पैलानी तहसील में भी मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। इससे पहले जुलूस निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।