दहेज हत्या के आरोप में अदालत ने पति और सास को 10-10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 15-15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर 8 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
नरैनी थाना क्षेत्र के कल्हरा गांव निवासी बिंदा प्रसाद ने 21 जून 2010 को कमासिन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री राजकुमारी का विवाह 15 मई 2009 को चकरेही गांव निवासी नत्थू प्रसाद पुत्र रामलाल के साथ किया था।
ससुरालीजन मोटर साइकिल की मांग को लेकर पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। 6 मार्च 2010 को उसकी जलाकर हत्या कर दी गई। पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न करने पर अदालत के आदेश पर मुकदमा कायम हुआ। विवेचना के बाद पुलिस ने पति नत्थू प्रसाद और सास पियरिया के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) अरुण कुमार मल्ल की अदालत में सहायक शासकीय अधिवक्ता विमल सिंह ने छह गवाह पेश किए।
सोमवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और पत्रावली में साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने पति व सास को दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा व जुर्माना किया गया।
सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। उधर, वादी बिंदा प्रसाद द्वारा अदालत में बयान बदल देने पर उस पर झूठे बयान देने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी कर अलग वाद दर्ज करने के आदेश दिए।