बदौसा। नदी टोला बदौसा, दुबरिया और बरछा-ब में गहराए पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का जल सत्याग्रह दूसरे दिन भी जारी रहा।
तेज धूप में ग्रामीण और महिलाएं नेशनल हाईवे के किनारे धरने पर बैठे। बर्तन पीटकर जिलाधिकारी और एसडीएम से पानी उपलब्ध कराने की मांग की।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार शिवदीप को धरना स्थल पर भेजा। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर उनका मांगपत्र लिया। नायब तहसीलदार ने तुर्रा पाइपलाइन की लीकेज और तकनीकी खराबी दूर कर स्थायी जलापूर्ति बहाल कराने और तब तक प्रभावित बस्तियों में सरकारी टैंकरों से पानी पहुंचाने का भरोसा दिया।
इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि तत्काल पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो हाईवे पर चक्का जाम किया जाएगा। आंदोलन में क्षेत्र पंचायत सदस्य प्राणनाथ सोनकर, संतोष कुशवाहा, रोहित कुमार, रज्जू प्रसाद वर्मा, सविता माहुले, कुसुमा, अंशिका, रीता गुप्ता, आंचल सिंह, दिनेश गुप्ता, लालू, समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
व्यापार मंडल ने दिया समर्थन
पानी के लिए ग्रामीणों के आंदोलन को व्यापार मंडल और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिला। व्यापार मंडल के शिव प्रसाद, विजय यादव, रामजस निषाद, राकेश यादव और गो सेवा समिति के नगर अध्यक्ष विनीत रावत धरना स्थल पहुंचे। कहा कि ग्रामीणों के सत्याग्रह में वह उनके साथ हैं। वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि पाइपलाइन से वास्तविक जलापूर्ति शुरू होने तक सत्याग्रह जारी रहेगा।