बांदा। दिन-रात वाहनों की आवाजाही वाले बांदा-तिंदवारी मार्ग पर गड्ढे वाहन चालकों और यात्रियों के लिए मुसीबत बने हैं।
महज 12 दिन पहले गड्ढों में केमिकल और डस्ट डालकर उन्हें भरने का प्रयास किया गया था, लेकिन बारिश होते ही यह सामग्री बह गई। अब सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे फिर दिखाई देने लगे हैं।
लोक निर्माण विभाग की ओर से कराई गई मरम्मत 12 दिन भी नहीं टिक सकी है। बारिश के पानी के साथ डस्ट और केमिकल बह जाने से सड़क की सतह कई जगह फिर उखड़ गई है। छोटे और बड़े गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का भी अंदाजा नहीं लग पाता।
बांदा से तिंदवारी जाने वाले इस सड़क पर कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब है। वाहन आने पर गड्ढों से बचने की कोशिश में वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। रात में स्थिति और कठिन हो जाती है, क्योंकि पानी भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते।
सड़क के गड्ढों को स्थायी रूप से दुरुस्त करने के बजाय उनमें केमिकल व डस्ट आदि सामग्री डालकर किए गए अस्थायी सुधार की बारिश ने पोल खोल दी। कुछ ही समय में गड्ढे दोबारा उभर आए।
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रोज गुजरते हैं बड़ी संख्या में वाहन
बांदा-तिंदवारी मार्ग पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। आसपास के गांवों के लोगों के अलावा तिंदवारी और बांदा के बीच आने-जाने वाले यात्री भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सड़क के गड्ढे सिर्फ वाहन चालकों के लिए परेशानी नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बने हुए हैं।
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वर्जन
धूप निकलने पर होगी पक्की मरम्मत
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि बांदा-तिंदवारी मार्ग पर केमिकल व डस्ट डालकर गड्ढों को भरकर सड़क को चलने योग्य बनाया गया था। इसे कच्चा काम कहते हैं। चूंकि बरसात का मौसम चल रहा है और ऐसे में पक्का काम नहीं हो सकता है। बरसात रुकते ही इसकी मरम्मत यानी पक्का काम कराया जाता लेकिन बरसात से यह समस्या फिर से आ गई है। विभाग ने बांदा-तिंदवारी मार्ग की मरम्मत की योजना बना रखी है।
फोटो-7- आठ सितंबर को बांदा-तिंदवारी मार्ग पर कराया गया था कच्चा काम। फाइल फोटो