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Banda News: चेक बाउंस मामले में अभियुक्त ज्ञान निषाद की मृत्यु से परिवाद खारिज

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= लोगो अदालत से =
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= ट्रैक्टर खरीद के एवज में दिया गया चेक बाउंस होने पर शुरू हुआ था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्यवीर सिंह ने ईरा ऑटो मोबाइल्स की ओर से ज्ञान निषाद के खिलाफ दायर चेक बाउंस मामले को खारिज कर दिया है। यह निर्णय अभियुक्त ज्ञान निषाद की मृत्यु हो जाने के कारण लिया गया।
ईरा ऑटो मोबाइल्स के प्रोप्राइटर रामहित सिंह ने ज्ञान निषाद पर परिवाद दायर किया था। ज्ञान निषाद ने 21 मई 2019 को ईरा ऑटो मोबाइल्स से एक ट्रैक्टर पीटी 445 (प्लस) खरीदा था। ट्रैक्टर की कीमत 6,30,000 रुपये थी, जिसमें से पांच लाख रुपये का ऋण लिया गया था। शेष 1,15,000 रुपये के भुगतान के लिए ज्ञान निषाद ने 3 अप्रैल 2022 को ईरा ऑटो मोबाइल्स के नाम एक चेक दिया था। यह चेक इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा पैलानी का था। परिवादी ने चेक को 20 अप्रैल 2022 को बैंक ऑफ वडोदरा में जमा किया। 22 अप्रैल 2022 को चेक हस्ताक्षर न मिलने और अपर्याप्त धन के कारण अनादरित हो गया। दोबारा जमा करने पर 20 मई 2022 को भी चेक वापस हो गया। इसके बाद ईरा ऑटो मोबाइल्स ने 27 मई 2022 को ज्ञान निषाद को कानूनी नोटिस भेजा, जिसका कोई जवाब नहीं मिला।
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न्यायालय ने ज्ञान निषाद के विरुद्ध जमानतीय वारंट जारी किए थे। पुलिस थाना जसपुरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ज्ञान निषाद की मृत्यु 19 अगस्त 2025 को हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र भी संलग्न किया गया। परक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के तहत यह एक फौजदारी वाद है। अभियुक्त की मृत्यु के बाद उसके विरुद्ध कोई वाद चलाना संभव नहीं है।
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