वित्तीय वर्ष की शुरुआत में राज्य स्तरीय समीक्षा में मंडल पहले स्थान पर था। इसके बाद हर माह इसमें गिरावट आती रही। इस संबंध में कमिश्नर ने अफसरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
दो माह पहले सातवें स्थान के बाद फरवरी माह के अंत तक यहां विकास को लेकर मंडल 13वें पाएदान पर पहुंच गया। उधर, जिला स्तरीय रैकिंग में मंडल में महोबा जिला 73वें स्थान के साथ सबसे फिसड्डी है। इसी प्रकार चित्रकूट 72वें और बांदा जिला सातवें पाएदान पर है।
हमीरपुर जिला कुछ बेहतर स्थिति के साथ 32वें स्थान पर रहा। बुंदेलखंड में जालौन 6वें स्थान के साथ सबसे आगे है। बांदा जिले में विकास के आंकड़ों में पिछड़ने की प्रमुख वजह लोहिया गांवों में संपर्क मार्ग और सीसी रोड व केसीड्रेनेज निर्माण, सड़कों की बदहाली, सिंचाई व पेयजल व्यवस्था में पर्याप्त कार्य न होना बताया गया है।
मंडलायुक्त ने अधिशासी अभियंता केन कैनाल, ओपी मौर्य, डीआईओएस एनडी वर्मा, सीएमओ कैप्टन डा.आरके सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी (प्रांतीय खंड) व निर्माण खंड-2 अखिलेंद्र प्रताप सिंह, निर्माण खंड-1 रामनरेश, समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह, डीपीआरओ रणधीर सिंह, आईटीआई प्रधानाचार्य राम प्रकाश, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी गौरव कुमार व प्रभारी अधिशासी अभियंता जल निगम से स्पष्टीकरण मांगा है।