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नवरात्र का पहले दिन : मां शैलपुत्री की आराधना

Sat, 21 Mar 2015 11:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के लिए देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। घंटा-घड़ियालों के बीच ‘जय जगदंबे’ के उद्घोष गूंजते रहे। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने घरों में कलश स्थापित कर जवारे बोए।
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शनिवार को तड़के से ही महिला-पुरुष भक्तों का देवी मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कपूर व सुगंधित धूपबत्तियों से मंदिर परिसर महकते रहे।

महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, चौसठ जोगिनी, मरही माता, कालका देवी व महामाई आदि प्रमुख मंदिरों में ज्यादा भीड़ रही। महेश्वरी देवी मंदिर मठ में बेरीकेडिंग से श्रद्धालुओं को दुश्वारियां हुईं। भक्तों की नाराजगी पर रिसीवर व व्यवस्थापकों को बैरीकेडिंग हटवाना पड़ी।

सभी देवी मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस व होमगार्ड जवानों के अलावा स्वयंसेवक तैनात रहे। मंदिरों में पुरोहितों ने देवी पुराण व दुर्गा सप्तशती पाठ शुरू किया। घरों में श्रद्धालुओं ने भी पाठ किए। मंदिरों के आसपास मेला सा नजारा रहा। उधर, नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने घरों में कलश स्थापना की। कुछ ने एक दिन का व्रत रखा।
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खत्री पहाड़ पर भी लंबी लाइन
खत्री पहाड़ विंध्यवासिनी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की लंबी लाइनें रहीं। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, सतना आदि से श्रद्धालुओं ने भगवती के दर्शन किए। मेला भी शुरू हो गया। बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक मां मढ़ीदाई मंदिर में दिनभर भक्तों का तांता रहा।

नौ दिन व्रत करने वाली महिला श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर घरों में कलश रखे। मंदिर परिसर में दुर्गोत्सव समिति ने देवी प्रतिमा स्थापित की। नौ दिनों के लिए दंगल मैदान में मेला व प्रदर्शनी लगाई गई। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम रहे। बाकल की जोगिनी देवी में भक्तों के जयकारे गूजंते रहे। पूजन कर नारियल चढ़ाए और मन्नतें मानीं।

नवरात्र में भी सांप्रदायिक सौहार्द
नवरात्र पर भी बांदा शहर में सांप्रदायिक सौहार्द की विरासत बरकरार है। इसकी बानगी राजघाट रोड स्थित श्री पंचानन महादेव मंदिर नागा बाबा आश्रम में स्थापित पीतांबरा देवी मंदिर है। हर वर्ष की तरह अबकी भी वार्षिकोत्सव व नवरात्र पर महमूद हुसैन उर्फ बिल्ला भइया (छावनी) 9 दिन तक इस मंदिर में कन्या भोज आयोजित करेंगे।

महंत ओम चेतन ब्रह्मचारी ने बताया कि 28 मार्च तक देवी स्थापना का पांचवां वार्षिकोत्सव मनाया जाएगा। सुख-शांति व समृद्धि के लिए महायज्ञ में दूरदराज से साधु-संतों का जमावड़ा लगेगा। इसकी सफलता के लिए भक्त सहयोग में लगे हैं।

रामकथा महोत्सव शुरू
अतर्रा। गौराबाबा धाम में नवरात्र पर रामकथा महोत्सव की शुरुआत रामधुन के साथ हुई। आयोजक महंत रामदास महाराज ने कथावाचक मिथलेश दास जी महाराज को फूलों की माला पहनाकर आगवानी की। जमुना प्रसाद, भुवनेश, कवींद्र, जगदीश, कौशल नरेश, राजेंद्र मौजूद रहे। ]
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