अतर्रा। समाजसेवी को बेवजह थाने में बैठाए रखने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संबंधित पुलिस कर्मियों से 50 हजार रुपये वसूलकर समाजसेवी को देने के आदेश दिए हैं। आयोग की नोटिस के बाद पुलिस अधीक्षक ने अतर्रा थानाध्यक्ष से शिकायतकर्ता समाजसेवी का बैंक खाता विवरण तलब किया है।
विद्याधाम समिति के राजाभइया ने मानवाधिकार आयोग को वर्ष 2020 में अपने साथ हुई घटना के बारे में शिकायत दर्ज कराई थी। कहा था कि चित्रकूट जनपद के क्रशर मजदूरों के शोषण का विरोध करने पर कर्वी (चित्रकूट) कोतवाली के तत्कालीन दरोगा संजय उपाध्याय और पंकज मिश्रा उन्हें अतर्रा स्थित उनके कार्यालय से जबरन उठा ले गए और कर्वी कोतवाली में कई घंटे बैठाए रखा।
आयोग ने टीम भेजकर इस शिकायत की जांच कराई। टीम द्वारा जांच रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद आयोग ने प्रदेश के गृह सचिव को आदेश दिया कि पीड़ित/शिकायतकर्ता राजाभइया को अंतरिम सहायता के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाएं। इस पर बांदा पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में अतर्रा थानाध्यक्ष को भेजे पत्र में निर्देश दिया
है कि शिकायतकर्ता राजाभइया (नरैनी रोड, अतर्रा) से संपर्क कर उनका बैंक खाता नंबर आदि पुलिस अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराएं। ताकि अग्रिम कार्रवाई की जाए। राजाभइया ने ने बताया कि अभी यह राशि उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। वह न्याय के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे।