बांदा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भवनों के बेसमेंट में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश दे चुके हैं, पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा। शहर में करीब 298 भवनों के बेसमेंट में मॉल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठान वर्षों से संचालित हो रहे हैं, यहां आग लगी तो बड़ी जनहानि होगी। दमकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर के अंदर किसी भी भवन स्वामी के पास बेसमेंट की फायर एनओसी नहीं है। इसके बाद भी यहां पर गतिविधियों का संचालन हो रहा। अब शासन की सख्ती के बाद अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
वी-मार्ट में जान बचाने के लिए चढ़नी पड़ेंगी 13 सीढ़ियां
शहर के मयूर टॉकीज सड़क स्थित बेसमेंट में संचालित वी-मार्ट में प्रवेश और निकासी का मुख्य रास्ता एक ही नजर आया। बेसमेंट तक पहुंचने और बाहर निकलने के लिए 13 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। हॉल में स्टाफ रूम, टॉयलेट और चेंजिंग रूम के बोर्ड तो दिखाई दिए, लेकिन कहीं भी फायर एग्जिट का संकेतक या वैकल्पिक निकास द्वार नजर नहीं आया। आग लगने की स्थिति में सैकड़ों ग्राहकों को उसी एक रास्ते से बाहर निकलना पड़ेगा। बेसमेंट में करीब एक दर्जन अग्निशमन सिलिंडर लगे मिले, लेकिन आपात स्थिति में निकासी व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है।
इंडिया मार्ट का इमरजेंसी गेट ताले में कैद
प्रकाश टॉकीज कैंपस में बेसमेंट में संचालित इंडिया मार्ट की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं दिखी। यहां प्रवेश और निकासी के लिए लगभग 12 सीढ़ियां हैं। बेसमेंट में लगे आधा दर्जन से अधिक अग्निशमन सिलिंडरों में कई अनुपयोगी हालत में नजर आए। सबसे गंभीर बात यह रही कि इमरजेंसी गेट जंजीर और ताले से बंद मिला। इतना ही नहीं, उस रास्ते की सीढ़ियों पर कपड़े रखे हुए थे। आग या भगदड़ जैसी स्थिति में यह बंद निकास मार्ग लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। परिसर में कहीं भी आपातकालीन द्वार का स्पष्ट संकेतक या दिशा-निर्देश बोर्ड दिखाई नहीं पड़ा।
अतर्रा का रेस्टोरेंट नियमों को दिखा रहा ठेंगा
अतर्रा कस्बे के बदौसा मार्ग पर संचालित इंडोवेस्टर्न रेस्टोरेंट भी बेसमेंट में संचालित हो रहा है। तहसील परिसर के नजदीक स्थित इस प्रतिष्ठान में शासन के सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी देखने को मिली। आग बुझाने के लिए आवश्यक अग्निशमन उपकरण तक पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं मिले। ऐसे में यदि रेस्टोरेंट में कोई हादसा होता है तो ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
आठ फीट चौड़ी गली में तीन मंजिला इमारत, हजारों लोगों की जान दांव पर
अतर्रा की सबसे व्यस्त तेल गली में संचालित राधिका साड़ीज भी सवालों के घेरे में है। मात्र आठ फीट चौड़ी गली में स्थित यह प्रतिष्ठान बेसमेंट समेत तीन मंजिला भवन में संचालित हो रहा है। रोजाना यहां बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और परिवार खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। आग लगने की स्थिति में न केवल लोगों को बाहर निकालना मुश्किल होगा बल्कि दमकल वाहनों का पहुंचना भी चुनौती बन सकता है। इसके बावजूद अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम दिखाई नहीं पड़े।
वर्जन
बेसमेंट में चल रहे सभी प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अग्निशमन विभाग की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्थाएं देख रही हैं। जो भी प्रतिष्ठान मानकों के विपरीत होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
मदन मोहन, सचिव, बांदा विकास प्राधिकरण
शहर के भवनों में बेसमेंट में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किसी के पास फायर एनओसी नहीं है। अब इन पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-मकबूल हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
आंकड़ों पर एक नजर
कोचिंग सेंटर- 120
होटल- 40
गेस्ट हाउस- 18
प्रकाश टॉकीज कैंपस में आई इंडिया मार्ट का दूसरा एग्जिट गेट पर जंजीर से लगा ताला और रखी कपड़ों स
प्रकाश टॉकीज कैंपस में आई इंडिया मार्ट का दूसरा एग्जिट गेट पर जंजीर से लगा ताला और रखी कपड़ों स
प्रकाश टॉकीज कैंपस में आई इंडिया मार्ट का दूसरा एग्जिट गेट पर जंजीर से लगा ताला और रखी कपड़ों स