जनपद में कई डेंगू मरीजों की बात सीएमओ ने स्वीकारी
है। डीएम को भेजे पत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा तैयार ब्योरे
का हवाला देते हुए कहा है कि एक ही परिवार से संबंधित तीन मरीजों का कानपुर
मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। कई गांवों में टीमों ने सर्वे किया है।
सीएमओ
डा. एके सिंह ने शनिवार को डीएम को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि लामा
गांव में जौरही पीएचसी की टीम की जांच में तीन मरीज डेंगू के पाए गए हैं।
इनमें 19 वर्षीय विनय पुत्र रतींद्र, 28 वर्षीय राजेंद्र पुत्र मैकू और 12
वर्षीय संजू पुत्री राजकुमार शामिल हैं। इनका कानपुर मेडिकल कालेज में इलाज
चल रहा है।
इस गांव में डेंगू का अन्य मरीज नहीं मिला। इसी तरह
सैमरी (तिंदवारी) गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुखार के छह मरीज
मिले। इनमें प्रियंका तिवारी (23) को जिला अस्पताल रेफर किया गया। भूपत
(21), अभिषेक द्विवेदी (17) कानपुर मेडिकल कालेज से इलाज कराकर लौटे हैं।
पउंडरा
गांव में महुआ सीएचसी की टीम ने 184 लोगों की ब्लड स्लाइड बनाई है। इनमें
मनीष यादव (20) गुजरात से लौटा है, उसे वहीं से बुखार है। उसे कानपुर रेफर
कर दिया गया है। सीएमओ ने डीएम को बताया है कि नालियों में लार्वा निरोधक
और मैलाथियान डस्ट का छिड़काव किया गया है।
सीएमओ ने बताया कि ओरन
में आनंद द्विवेदी (31) को बुखार के बाद कानपुर स्थित रिजेंसी ले जाया गया।
वहां उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. एसडी त्रिपाठी ने
टाइफाइड बताया था। यहां 33 लोगों की ब्लड स्लाइड बनाई गई है।
सीएमओ
ने दावा किया कि गांवों की स्थिति सामान्य है। बांदा शहर के पद्माकर
चौराहा निवासी शुभ मिश्रा को बुखार होने पर कानपुर ले जाया गया है। सीएमओ
ने कहा है कि घर का कोई जिम्मेदार न मिलने से स्थिति की जानकारी नहीं मिल
पाई। फिर भी यहां दवा का छिड़काव कर 19 लोगों की ब्लड स्लाइड बनाई गई है।