समाजवादी पार्टी से निष्कासित डॉ. खलील अहमद ने बृहस्पतिवार को अपने समर्थकों के साथ स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में प्रदर्शन किया। सपा विधायक और एक पूर्व प्रत्याशी और जिलाध्यक्ष पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए पांच पन्ने का पत्र पार्टी मुखिया मुलायम सिंह को भेजा।
मालूम हो कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में डॉ. खलील को जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने 11 मार्च को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से खलील सपा के लेटर पैड पर ही सपा नेताओं के विरुद्ध मोर्चा खोले हुए हैं। बृहस्पतिवार को जिस समय मुख्यमंत्री बांदा शहर में मौजूद थे, उसी समय डॉ. खलील अपने कई समर्थकों के साथ बैनर लेकर कचहरी के पास अशोक लाट के सामने प्रदर्शन कर रहे थे।
उन्होंने सपा विधायक विशंभर सिंह यादव, जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी और नरैनी से सपा टिकट पर विधान सभा चुनाव लड़ चुके भरतलाल दिवाकर के खिलाफ नारे लगाए। पार्टी मुखिया को भेजे पत्र में भी आरोपों की झड़ी लगा दी। उधर, जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने कहा है कि निष्कासन के बाद सपा का लेटर पैड इस्तेमाल करना अपराध है। उनके साथ प्रदर्शन या समर्थन करने वाले गिने-चुने लोगों का सपा से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। पार्टी को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जा सकता।