बांदा। बुंदेलखंड को सूखे के मद्देनजर भरपूर 24 घंटे बिजली देने का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आदेश जारी होते ही बुंदेलखंड में बिजली की स्थिति और चौपट हो गई है। पावर कारपोरेशन के अभियंताओं की लापरवाही और आराम तलबी सीएम के आदेशों पर भारी साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने गांवों को 24 घंटे और मंडल मुख्यालय को 20 तथा जिला मुख्यालयों को 18 घंटे बिजली देने का आदेश हाल ही में दिया है लेकिन इस आदेश के बाद भी चित्रकूटधाम मंडल में बिजली व्यवस्था और चरमरा गई है। पिछले कई दिनों से मंडल मुख्यालय के कई-कई इलाके 18 से 24 घंटे तक अंधेरे में रहे हैं। हाल ही में लाखों रुपये की कीमत वाले नए उपकरण पीलीकोठी सब स्टेशन में लगाए जाने के बाद यह और चौपट हो गया है। इस फीडर से मुख्य बाजार समेत शहर के करीब एक दर्जन इलाके जुड़े हैं।
उधर, जल संस्थान को जलापूर्ति और शहर के दर्जन भर मोहल्लों को बिजली आपूर्ति करने वाले भूरागढ़ फीडर की भी यही हालत है। हैरत की बात यह है कि फीडर कई-कई घंटे बंद हो रहे हैं। फाल्टों की भरमार है। मुख्य अभियंता ही इन सब हालात से अनभिज्ञ हैं। उनके अधीनस्थ उन्हें सही जानकारी नहीं दे रहे। उधर, उपभोक्ताओं में पावर कारपोरेशन के साथ प्रदेश सरकार के प्रति भी रोष पनप रहा है।