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बुंदेलखंड के विकास पर मंथन आज से

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बुंदेलखंड के विकास पर होने वाले दो दिवसीय मंथन को लेकर सजाया जा रहा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्ववि? - फोटो : BANDA
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बांदा। बुंदेलखंड के विकास की नैया कई विभाग पार लगाएंगे। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बुंदेलखंड विकास बोर्ड का गठन किया है। इसी बोर्ड के तत्वावधान में 10 व 11 जनवरी को कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेमिनार हो रहा है।
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इसे ‘बुंदेलखंड का विकास, इश्यूज (मुद्दे), रणनीति एवं भावी दिशा’ विषय दिया गया है। मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार सहित आधा दर्जन से ज्यादा राज्य सरकार के मंत्री और विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव व मुखिया इसमें शरीक होंगे। गुरुवार को पूर्व संध्या पर उनके आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार के लिए दोनों दिन अलग-अलग सत्रों में बुंदेलखंड की योजनाओं, विकास की संभावनाओं और प्रस्तावों पर मंथन व चर्चा होगी। विभिन्न विभाग अपनी योजनाएं और प्रस्ताव पेश करेंगे। विभिन्न विषयों पर कुल 14 अधिवेशन होंगे।
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हरेक की अध्यक्षता प्रदेश सरकार का मंत्री या कोई वरिष्ठ अधिकारी करेगा। शोध पत्र और सफल योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ भी अपनी विभिन्न विषयों पर तकनीक प्रस्तुत करेंगे। इसमें एकीकृत फसल प्रणाली, मॉडल जल संचयन, खाद्य प्रसंस्करण और बुंदेलखंड के किसानों की आय बढ़ाने के मुद्दे शामिल होंगे। हरेक सत्र के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ और अधिकारी तय किए गए हैं।
गुरुवार को पूर्व संध्या पर प्रदेश के नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव कुमार कमलेश ने सेमिनार स्थल का निरीक्षण किया। इस आयोजन में नियोजन विभाग की खास भूमिका है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास के लिए यह सेमिनार बहुत मुफीद साबित होगा। महत्वपूर्ण सुझाव मिलेंगे। किसानों को आमदनी दोगुना करने के टिप्स विभाग के विद्वान बताएंगे।
कुलपति विश्वविद्यालय डा. यूएस गौतम ने कहा कि उनका विश्वविद्यालय पहले से ही बुंदेलखंड में कृषि विकास के लिए काम कर रहा है। सेमिनार से और जानकारियां मिलेंगी। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने कहा कि भारत सरकार और प्रदेश सरकार के मंत्री व वरिष्ठ अधिकारी तथा विषयों के विशेषज्ञ महत्वपूर्ण सुझाव देंगे। उसी के तहत भावी कार्ययोजना बनाई जाएगी। डीएम हीरा लाल ने कहा कि यहां की प्रमुख समस्या अन्ना प्रथा और कुपोषण आदि के समाधान के लिए सेमिनार में महत्वपूर्ण सुझाव मिलेंगे। बुंदेलखंड सहित बांदा को विकास की नई दिशा मिलेगी।
दो दिवसीय बुंदेलखंड राष्ट्रीय सेमिनार का एजेंडा
10 जनवरी प्रथम दिन : प्रात: 10 बजे उद्घाटन। द्वितीय सत्र में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव और एनएचएम निदेशक उपस्थित रहेंगे। तृतीय सत्र में परिवार कल्याण मंत्री और पब्लिक हेल्थ सिस्टम, नई दिल्ली की उपाध्यक्ष प्रीति कुमार उपस्थित रहेंगी। चौथे सत्र में भी स्वास्थ्य मंत्री के साथ यूपीटीएसयू के जॉन एंथनी और संजीव कुमार शिशु स्वास्थ्य पर प्रस्तुति देंगे।
पांचवें सत्र में स्वास्थ्य शिक्षा पर इस विभाग के अपर निदेशक डा.एनसी प्रजापति सहित मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डा.मुकेश यादव और झांसी के एसोसिएट प्रो.डा.प्रभा वर्मा मंत्री की उपस्थिति में प्रस्तुति देंगे। छठवें सत्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री की उपस्थिति में आईसीडीएस निदेशक, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की एचओडी डा.प्रतिमा आर्या, कलावती सरन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, नई दिल्ली के प्रो.डा.प्रवीण कुमार टिप्स देंगे।
सातवें चरण में समाज कल्याण मंत्री डा.रमापति शास्त्री की उपस्थिति में जीआईडीएस के असिस्टेंट प्रो.डा.मंजूर अली और कंसल्टेंट डा.सोनिया, डिप्टी मिशन डायरेक्टर सुनील जैन व महेंद्र त्यागी तथा समाज कल्याण के प्रमुख सचिव मनोज सिंह उपस्थित रहेंगे। आठवें सेशन में राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रो.रजखनी राजन सिंह व डा.शकुंतला मिश्रा तथा दिव्यांग जन शक्तीकरण आयुक्त एसके श्रीवास्तव और डायरेक्टर अजीत कुमार शरीक होंगे।
दूसरे दिन 11 जनवरी : महिला एवं बाल विकास मंत्री और महिला कल्याण निदेशक की उपस्थिति में लिंगानुपात पर चर्चा होगी। महिला कल्याण डायरेक्टर मनोज कुमार सहित अन्य विशेषज्ञ और यूनिसेफ प्रतिनिधि डा.धुवरका श्रीराम उपस्थित रहेंगे। पैनल डिस्कशन भी होगा।
10वें सत्र में बेसिक शिक्षा मंत्री सहित प्राथमिक शिक्षा के एसीएस रेनू कुमार और स्कूल एजूकेशन के डीजी विजयकरन आनंद और बुंदेलखंड के सभी मुख्य विकास अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी सत्र में आरएमएसए के संयुक्त निदेशक वीके पांडेय एजूकेशन पर चर्चा करेंगे।
11वें सत्र में बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के वीसी सहित उच्च शिक्षा आफीसर डा.संध्यारानी, प्रिंसिपल दुर्गेश शुक्ला, अतर्रा पीजी कालेज प्राचार्य डा.अभिलाष श्रीवास्तव, डा.सुशील बाबू (महोबा), डा.सुनील त्रिवेदी (झांसी) शिक्षा पर चर्चा करेंगे। इसी सत्र में तकनीकी शिक्षा पर विभागीय मंत्री सहित डा.सुरेश कुमार यादव (बांदा), डा.भारतेंदु प्रकाश (बांदा), डा.एसपी शुक्ला, डा. वीके त्यागी (झांसी), निदेशक आरसी राजपूत आदि प्रस्तुतियां देंगे। इसके बाद अंतिम और समापन सत्र संयुक्त रूप से होगा।
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