बांदा। खैरार-अकोना के बीच नव निर्मित दूसरी रेल लाइन पर रेल संरक्षा आयुक्त के 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल के कुछ ही घंटे में रेलवे ने नियमित परिचालन शुरू कर दिया। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात ट्रेन संख्या 15205 चित्रकूट एक्सप्रेस को नई लाइन से गुजारकर रेलवे ने बुंदेलखंड की बहुप्रतीक्षित रेल दोहरीकरण परियोजना के एक अहम चरण को पूरा कर लिया।
रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर परिमंडल) प्रणजीव सक्सेना ने बीते दिन खैरार-अकोना दूसरी रेल लाइन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान नई लाइन पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल किया गया, जिसके बाद इसे परिचालन के लिए हरी झंडी मिल गई। ट्रेन संख्या 15205 चित्रकूट एक्सप्रेस डीजल लोको संख्या 40458 के साथ रात 12:48 बजे अकोना स्टेशन पहुंची। दो मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन 1:07 बजे इचौली, 1:26 बजे खैरार होते हुए रात 2:14 बजे बांदा पहुंची।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक खैरार-अकोना दूसरी रेल लाइन को अब नियमित संचालन के लिए खोल दिया गया है और आगे सभी यात्री एवं मालगाड़ियों का संचालन इसी दोहरे ट्रैक के जरिए किया जाएगा। यह रेल लाइन झांसी-मानिकपुर और खैरार-भीमसेन दोहरीकरण परियोजना की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके शुरू होने से बांदा, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर और कानपुर की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही भीमसेन-खैरार-महोबा-झांसी के वैकल्पिक रेल मार्ग के विकसित होने से कानपुर-उरई रेलखंड पर दबाव कम होगा। नई लाइन पर मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आएगी। रेलवे को उम्मीद है कि इससे बुंदेलखंड में औद्योगिक निवेश, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रमुख बिंदु
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल गति ट्रायल
ट्रायल के 24 घंटे के भीतर शुरू हुआ ट्रेन संचालन
चित्रकूट एक्सप्रेस नई लाइन से गुजरने वाली पहली नियमित ट्रेन बनी
झांसी-मानिकपुर और खैरार-भीमसेन दोहरीकरण परियोजना को मिली गति
माल परिवहन होगा तेज और किफायती
बुंदेलखंड की रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा लाभ
ट्रायल होने के बाद डीजल इंजन के साथ चित्रकूट एक्सप्रेस को नई रेल लाइन से निकाला गया। नई लाइन को ट्रेनों के संचालन के लिए खोल दिया गया है। नई लाइन बुंदेलखंड की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा प्रदान करेगी।
- मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी मंडल रेलवे