बांदा। तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने की संभावनाएं जताई जा रही थीं, पर राहत यह है कि इन कयासों के बीच बच्चों का संक्रमण दर कम है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज और उनकी सेहत के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। अलग पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड बना लिए गए।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में कुल 19 पीकू वार्ड बने हैं, इनमें 372 बेड हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा 160 बेड का पीकू वार्ड बांदा जनपद में है। इनमें मेडिकल कालेज में 100 बेड का वार्ड है। इसके अलावा चित्रकूट में 56 बेड, हमीरपुर में 88 और महोबा जनपद में 68 बेड के पीकू वार्ड हैं।
मंडलीय अपर निदेशक (चिकित्सा सेवा) डा.नरेश सिंह तोमर ने बताया कि शासन के निर्देश पर चारों जनपदों में पीकू वार्ड तैयार किए गए हैं। कुछ बेड वेंटीलेटर से लैस हैं। उधर, मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.मुकेश कुमार यादव ने दावा किया कि अस्पताल की अपेक्षा घरेलू माहौल में बच्चे जल्दी सेहतमंद होते हैं।
मंडल में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड में बेड का ब्योरा-
बांदा : मेडिकल कालेज-100, जिला अस्पताल-40, जसपुरा-10 व नरैनी-10 (कुल-160)
चित्रकूट : खोह-24, मानिकपुर-8, शिवरामपुर-8, रामनगर-8, मऊ-8 (कुल-56)
हमीरपुर : कुरारा-40, मौदहा-12, छानी-12, मुस्करा-12, नौरंगा-12 (कुल-88)
महोबा : श्रीनगर-20, चरखारी-12, कबरई-12, जैतपुर-12, पनवाड़ी-12 (कुल-68)