अतर्रा सीएचसी में प्रदर्शन करते डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मी।
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अतर्रा। क्षेत्राधिकारी के सरकारी आवास पर हुई चोरी की घटना में आवास परिसर में रह रहे फार्मासिस्ट और उसके नाबालिग पुत्र को पुलिस द्वारा रात में हिरासत में ले लेने पर सीएचसी कर्मचारी भड़क गए। गुरुवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन के बाद सीएचसी का कामकाज ठप कर दिया। पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। मरीजों का इलाज रुक गया। एसडीएम और सीएचसी कर्मचारियों से हुई वार्ता के बाद सेवाएं बहाल की गईं।
क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह के आवास से दिन दहाड़े ताला तोड़कर हुई चोरी के मामले में तीसरे दिन भी पुलिस कोई खुलासा नहीं कर सकी। हालांकि धरपकड़ और पूछताछ जारी है। इसी बीच बीती रात पुलिस ने परिसर में रह रहे फार्मासिस्ट सुभाष और उसके नाबालिग बच्चे को घर से उठा लिया और थाने लाकर पूछताछ की।
गुरुवार को सुबह सुभाष ने सीएचसी के अन्य कर्मियों को यह बात बताई तो सब एकजुट होकर आंदोलित हो गए। काम बंद कर दिया। दवा काउंटर और पट्टी आदि कक्षों में ताले डाल दिए। सेवाएं लगभग पूरी तरह बाधित हो गईं। लगभग दो घंटे बाद एसडीएम जेपी यादव मौके पर पहुंचे और सीएचसी कर्मियों से वार्ता की। इसी के बाद सीएचसी कर्मी काम पर लौटे। उधर, डाक्टरों ने भी कहा कि पुलिस जबरन आरोप और प्रताड़ित कर रही है। इस पर लगाम नहीं लगी तो वह अपनी यूनियन की मदद लेंगे।