अध्यक्ष के बोर्ड में दर्ज सभासद का नाम।
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बांदा। अजब और गजब तर्ज पर बुधवार को यहां नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू ने पालिका के वार्ड सभासद को एक दिन के लिए अपनी कुर्सी सौंप दी। इसके लिए लिखित आदेश भी जारी किया। उधर, कार्यवाहक अध्यक्ष ने कई आदेश भी जारी कर दिए। इनमें 32.80 लाख रुपये के भुगतान और सफाई कर्मियों के तबादले शामिल थे। उधर, डीएम ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है।
अध्यक्ष मोहन साहू ने मंगलवार (17 दिसंबर) को पत्रांक-1711 जारी करते हुए वार्ड-11 के सभासद अनवर अली को 18 दिसंबर को शाम 7 बजे तक अध्यक्ष पद के कार्यभार के लिए मनोनीत कर दिया। सभासद अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हो गए। कई अन्य सदस्यों और पालिका कर्मियों ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। पालिका में लगे अध्यक्षों के नाम पट्टिका (बोर्ड) में भी अनवर अली का नाम दर्ज कर दिया गया।
इसी बीच अनवर अली ने कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में बिजली सामग्री आपूर्ति करने वाली एक प्राइवेट कंपनी के 32 लाख 80 हजार 30 रुपये के भुगतान के आदेश पर भी अपने हस्ताक्षर कर कार्यवाहक अध्यक्ष की मुहर लगा दी। हालांकि इस पत्र में ईओ और प्रकाश लिपिक के हस्ताक्षर 9 दिसंबर के हैं। कार्यवाहक अध्यक्ष ने कुछेक महिला सफाई कर्मियों के तबादले कर दिए।
कुछ सभासदों द्वारा सामूहिक रूप से दी गई अर्जी पर कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में अनवर अली ने सभासद कक्ष से एक घंटे के अंदर सीसीटीवी कैमरा हटवाने का फरमान जारी कर दिया।
नगर पालिका के इतिहास में इस पहली और अनोखी घटना की पूरे दिन चर्चा रही। कार्यवाहक अध्यक्ष द्वारा जारी आदेश सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए। उधर, इस बारे में अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि नियम और कानून के मुताबिक ऐसी कोई नियुक्ति या मनोनयन नहीं किया जा सकता। उधर, डीएम हीरा लाल ने अधिशासी अधिकारी से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है।
पालिका अध्यक्ष की दलील
बांदा। सभासद को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने के बाबत नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू का कहना है कि उन पर कई सभासदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने सभासद को अध्यक्ष की सीट पर बैठाकर मौका दिया कि उन पर लगाए गए आरोप सिद्ध करें।
नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान सभासद अनवर अली।- फोटो : BANDA