बांदा। बुंदेलखंड के पहले प्रस्तावित साइंस पार्क के लिए बांदा विकास प्राधिकरण ने शहर स्थित कांशीराम स्मृति उपवन पार्क में स्थापना की अनुमति दे दी है। प्राधिकरण ने इसके लिए साढ़े पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा है। अब उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की सहमति का इंतजार है। पार्क की स्थापना से पूरे बुंदेलखंड को लाभ मिलेगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने प्रदेश में तीन जिलों में साइंस पार्क खोलने का प्रस्ताव किया है। इनमें बांदा, गोरखपुर और बरेली शामिल हैं। हाल ही में बांदा विकास प्राधिकरण बोर्ड ने शहर के नरैनी रोड पर स्थित कांशीराम स्मृति उपवन पार्क में रिक्त 5.6 एकड़ (23 हजार वर्गमीटर) भूमि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद को साइंस पार्क को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव कुछ शर्तों के साथ प्राधिकरण उपाध्यक्ष/डीएम हीरालाल के हस्ताक्षरों से 10 दिसंबर को निदेशक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, लखनऊ को भेज दिया है।
शर्तों में कहा गया है कि कांशीराम स्मृति उपवन पार्क के मूल स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। न ही पार्क में कोई पार्टीशन होगा। इसका भूस्वामित्व हमेशा प्राधिकरण का ही रहेगा। साइंस पार्क के रखरखाव की जिम्मेदारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की होगी।
बांदा विज्ञान क्लब प्रभारी शनि कुमार ने बताया कि अब परिषद की सहमति का इंतजार है। सहमति मिलने पर ही अगली प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि साइंस पार्क की स्थापना दो चरणों में होती है। अनुमानित लागत लगभग तीन करोड़ है। हर चरण में एक करोड़ रुपये परिषद दे सकता है। कार्यदायी संस्था का निर्धारण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा किया जाएगा। प्रभारी ने संभावना जताई कि परिषद की सहमति मिलने पर इसी वित्तीय वर्ष में काम शुरू हो जाएगा। यह भी बताया कि साइंस पार्क की स्थापना में डीएम हीरालाल का पूरा सहयोग है। वे रुचि ले रहे हैं।
बुंदेली युवाओं को मिलेगा लाभ
बांदा। डीएम/जिला विज्ञान क्लब पदेन अध्यक्ष हीरालाल का कहना है कि साइंस क्लब से न सिर्फ बांदा बल्कि बुंदेलखंड के सभी पड़ोसी जिलों के लोगों खासकर युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्हें वैज्ञानिक गतिविधियों की जानकारियां होंगी। विज्ञान क्लब इस पार्क का संचालन करेगा।
विज्ञान पार्क के प्रमुख उद्देश्य/गतिविधियां
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सोच को प्रोत्साहित करना। पार्क आने वालों की जिज्ञासा और पूछताछ की प्रक्रिया करना। आउटडोर प्रदर्शन और अन्य प्रशिक्षण गतिविधियां इंटरैक्टिव और गतिविधि आधारित सीखने का माहौल पैदा करना। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के पारस्परिक संपर्क से संबंधित सूचनाएं एकत्र कर उनका प्रसार करना। अभिनव और प्रयोगात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना। जनता और विशेषकर छात्र-छात्राओं के बीच वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करना इत्यादि।
इन्नोवेशन एंड स्टार्टअप समिटि से शुरू हुए थे प्रयास
बांदा। विज्ञान क्लब प्रभारी शनि कुमार ने बताया कि साइंस क्लब की स्थापना के लिए वह क्लब के माध्यम से काफी दिनों से प्रयासरत थे। इसी वर्ष जनवरी के अंतिम हफ्ते में जिला विज्ञान क्लब द्वारा मेडिकल कालेज में आयोजित किए गए इन्नोवेशन एंड स्टार्टअप समिट में आए वैज्ञानिकों ने इस प्रयास को परवान चढ़ाया।
डीएम हीरालाल के नेतृत्व में यह समिट हुआ था। इसी वर्ष 21 फरवरी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के राज्य परियोजना समन्वयक अनिल यादव ने कांशीराम उपवन पार्क का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने बताया कि बोर्ड की सहमति मिलने के बाद पहले चरण में पार्क में भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिमाएं लगेंगी और उनकी उपलब्धियां अंकित की जाएंगी। विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित मॉडल लगाए जाएंगे।
बांदा ः शनि कुमार।- फोटो : BANDA
बांदा ः प्रस्तावित साइंस पार्क। (प्रतीकात्मक)- फोटो : BANDA