बांदा। भारत सरकार की दो सदस्यीय टीम ने अपने पांच दिवसीय दौरे में चौथे दिन बिसंडा ब्लाक की तीन ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों व योजनाओं की जांच-पड़ताल की। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से सुविधाओं के बारे में पूछा। जिले भर में 30 गांवों का निरीक्षण करने के बाद टीम यह रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगी।
नेशनल लेवल मानीटिरिंग टीम में प्रमुख रवि चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त आईएएस) और सहायक चंदन रावत की टीम 9 अक्तूबर से जिले के दौरे पर है। बड़ोखर व जसपुरा ब्लाक के बात चौथे दिन बिसंडा ब्लाक के कोर्रही, मरौली, डभनी ग्राम पंचायतों में केंद्र सरकार से संचालित योजनाओं की हकीकत देखी। डभनी गांव में प्रधानमंत्री सड़क योजना की जांच की। बीडीओ ब्रजकिशोर कुशवाहा से सड़क के अभिलेख तलब किए। एनआरएलएम योजना के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात की। कागजों में कुछ और हकीकत कुछ और मिली। मौके पर एक महिला स्वरोजगार से जुड़ी नहीं मिली। उधर, मरौली और मुस्लिम बाहुल्य ग्राम पंचायत कोर्रही में मनरेगा के कार्यों की जांच की। कई जाबकार्ड धारकों से काम मिलने व भुगतान की जानकारी ली। इस दौरान जाबकार्ड धारक शिवकुमार, राजा, बड़की ने बताया कि महीनों से काम नहीं मिला। तमाम मजदूरों का भुगतान नहीं किया गया। टीम की जांच पड़ताल स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों के मुताबिक ही चल रही है। उनके साथ जिला स्तर का कोई अधिकारी नहीं पहुंच रहा है।