बांदा। नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़े आईटी एक्ट के मामले में मंगलवार को विशेष न्यायालय पाक्सो में सुनवाई हुई।
सीबीआई की ओर से दिल्ली एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉक्टर अभिषेक यादव को गवाह के रूप में पेश किया गया। डॉक्टर ने न्यायालय में अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद मामले के मुख्य आरोपी निलंबित जेई रामभवन और सह आरोपी दिल्ली के इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के अधिवक्ताओं ने करीब दो घंटे तक गवाह से जिरह की।
जिरह के दौरान अधिवक्ताओं ने मामले की फॉरेंसिक जांच से संबंधित सवाल किए। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान यौन शोषण के मामले में 20 फरवरी को फांसी की सजा पाए निलंबित जेई रामभवन को जेल से पुलिस कस्टडी में न्यायालय लाया गया। वहीं सह आरोपी मोहम्मद आकिफ की ओर से अधिवक्ता ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए हाजिरी माफी का प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया।
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सीबीआई ने 12 गवाह किए हैं शामिल
सीबीआई की जांच में निलंबित जेई रामभवन और दिल्ली के इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के विरुद्ध आईटी एक्ट के तहत अपराध और संगठित साजिश किए जाने के आरोप सामने आए थे। दोनों के विरुद्ध 31 अक्तूबर 2020 को दिल्ली में मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्ष 2021 में न्यायालय ने आरोप तय किए थे। विचाराधीन मामले में सीबीआई ने 12 गवाहों को शामिल किया है।