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पाठ्य-पुस्तकें कबाड़ में बेच देने को रंगेहाथ पकड़ा

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कबाड़ी को बेची गई सरकारी पुस्तकों पर कबाड़ी से पूछताछ करते बीएसए हरिश्चंद्रनाथ। - फोटो : BANDA
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बांदा। शिक्षा का अधिकार कबाड़ में बिक गया। सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में बच्चों को शासन द्वारा दी जाने वाली मुफ्त पाठ्य-पुस्तकें कबाड़ में बेच देने को रंगेहाथ पकड़ा गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी मौके पर आ गए। उन्होंने 24 घंटे के अंदर जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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बुधवार को दोपहर शहर के अतर्रा चुंगी के पास एक कबाड़ी को लगभग एक क्विंटल नई किताबें रद्दी के भाव बेंच दी गईं। यह सब किताबें शिक्षा का अधिकार/सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन से आईं थीं। इन्हें स्कूलों में बांटा जाना था।
नई किताबों की गड्डियां कबाड़ी की चौपहिया ठिलिया पर देखकर आसपास के लोगों ने मीडिया को सूचना दी। मीडिया कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर डीएम हीरा लाल को सूचना दी। डीएम ने तत्काल बीएसए को मौके पर भेजा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्रनाथ ठिलिया पर लदी नई सरकारी किताबें देखकर दंग रह गए।
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बीएसए द्वारा पूछताछ किए जाने पर कबाड़ी ने नजदीक के एक मकान की ओर इशारा करते हुए बताया कि यहां से उसे यह किताबें बेंची गई हैं। लेकिन तब तक किताब बेंचने वाला मकान में ताला डालकर फरार हो चुका था। बेंची गई सरकारी किताबों में मुख्य पृष्ठ पर ही शिक्षा का अधिकार लिखा हुआ है।
किताबों में गृह शिल्प, हमारा परिवेश-3, मंजरी-7, पृथ्वी और हमारा जीवन, गणित-7, हमारा इतिहास और नागरिक जीवन तथा इंगलिश के रेनबो-7 इत्यादि शामिल हैं। यह सब किताबें वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 की हैं। बीएसए ने कहा कि समिति से इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई होगी। किताबों को बीएसए ने अपने कब्जे में ले लिया है।
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