बांदा। फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने के मामले में एक नामजद व चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित की याचिका पर सीजेएम कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
मां के नाम प्लॉट खरीदने वाले युवक को न तो कब्जा मिला और न ही रकम वापस की गई। आरोप है कि इसी आर्थिक संकट के चलते उसकी बीमार मां को समय पर इलाज नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई। पीड़ित की याचिका पर सीजेएम कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
चित्रकूट के कर्वी माफी के शोभा सिंह का पुरवा निवासी जनमेजय शुक्ला ने 26 सितंबर 2022 को मां रिचा शुक्ला के नाम पर शहर के मौजा लड़ाकापुरवा में एक प्लॉट 10 लाख 60 हजार रुपये में कटरा निवासी आनंद सिंह से रजिस्टर्ड बैनामा कराया था, लेकिन खरीद के बाद आज तक न तो नाप-जोख कराई गई और न ही कब्जा दिया गया।
इसी बीच रिचा शुक्ला को कैंसर हो गया। इलाज के लिए मोटी रकम की जरूरत थी। जनमेजय बार-बार प्लॉट की नपाई कराने या रकम वापस दिलाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आनंद सिंह टालता रहा। इस बीच 14 जुलाई को पीड़ित की मां की मौत हो गई। पीड़ित का आरोप है कि आनंद सिंह ने उसी भूमि का रकबा बढ़ाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उसे अधिक दाम में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया।
पीड़ित ने न्यायालय को बताया कि डीएम बांदा की ओर से कराई गई जांच में भी जमीन घोटाले की पुष्टि हुई। सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बनी टीम ने रकबे से अधिक बिक्री, फर्जी दाखिल-खारिज और कूट-रचित दस्तावेजों के घोटाले का खुलासा किया। 22 मई 2024 की रिपोर्ट में आनंद सिंह और अशोक सोनी को दोषी पाया गया। जांच में रिचा शुक्ला के नाम हुई रजिस्ट्री भी अवैध पाई गई।
मामले को लेकर पीड़ित ने एसपी बांदा और कोतवाली नगर में कई बार प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर उसने कोर्ट की शरण ली। सीजेएम कोर्ट ने आनंद सिंह व चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। शहर कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।