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लाइसेंस सत्यापन में अब कारतूसों का भी होगा हिसाब

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बांदा। शस्त्र लाइसेंस धारकों को खर्च किए गए कारतूसों का हिसाब अफसरों की समिति को बताना पड़ेगा। साथ ही 80 फीसदी कारतूसों के खोखे जमा करने पर भी उन पर शिकंजा कसेगा। डीएम ने समिति गठित कर दी है। यह मार्च तक शस्त्र लाइसेंसों के भौतिक सत्यापन और शस्त्र विक्रेताओं के अभिलेख तथा धारकों के लाइसेंस और कारतूस आदि की जांच पड़ताल करेगी। लाइसेंस धारकों को समिति पुलिस लाइन में बुलाकर सत्यापन करेगी।
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शस्त्रधारक बड़ी संख्या में कारतूसों का इस्तेमाल हर्ष फायरिंग में कर रहे हैं। इस पर सख्ती से रोक है। प्रतिबंधित कामों में कारतूसों का इस्तेमाल/फायरिंग पर लगाम कसने के लिए शासन ने शस्त्रधारकों को इस्तेमाल किए गए कारतूसों के 80 फीसदी खोखे शस्त्र विक्रेता/डीलर्स को जमा करना जरूरी है, लेकिन इस पर पूरी तरह अमल नहीं हो रहा। उधर, फर्जी लाइसेंसों पर भी लगाम लगाने के लिए भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जिला मजिस्ट्रेट आनंद कुमार सिंह ने शस्त्र लाइसेंसों के भौतिक सत्यापन के लिए पुलिस और प्रशासन के अफसरों की समिति गठित की है।
उधर, वर्ष का अंतिम माह दिसंबर शुरू होते ही शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण भी शुरू हो गया है, लेकिन नवीनीकरण से पहले शस्त्रधारक को कई जानकारियां देनी होंगी। इसमें 80 फीसदी खोखे की वापसी भी शामिल है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई/शर्त से हर्ष फायरिंग आदि पर रोक लगेगी। शस्त्रधारक फालतू फायर नहीं करेंगे।
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सत्यापन समिति में शामिल अफसर
डीएम द्वारा गठित समिति में अपर जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन, आरमोरर और सभी थानाध्यक्ष शामिल किए गए हैं। समिति को निर्देश दिया है कि व्यक्तिगत शस्त्रधारकों के लाइसेंसों का भौतिक सत्यापन करें। समिति को इसके लिए चेक लिस्ट भी दी गई है।
रजिस्टर और पोर्टल से होगा मिलान
फर्जी लाइसेंसों की धरपकड़ के लिए गठित समिति लाइसेंस संबंधी फाइलों और पोर्टल पर दर्ज शस्त्र के यूआईएन नंबर के अनुसार मिलान करेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वैध स्वीकृति के बिना कोई शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं हुआ है। यह काम एडीएम की देखरेख में सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी अधिकारी शस्त्र करेंगे। उधर, पुलिस अधीक्षक सभी थानाध्यक्षों के माध्यम से शस्त्र रजिस्ट्ररों का मिलान जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के शस्त्र अनुभाग रजिस्टर से कराएंगे।
पुलिस लाइन में होगा सत्यापन
लाइसेंस धारकों के शस्त्र और कारतूस का भौतिक सत्यापन पुलिस लाइन में सिटी मजिस्ट्रेट, अपर एसपी, पुलिस उपाधीक्षक, प्रतिसार निरीक्षक और आरमोरर की टीम करेगी। लाइसेंस धारकों को थानाध्यक्ष के जरिए निर्धारित दिवस पर सत्यापन के लिए उपस्थित होने की सूचना दी जाएगी। अपना आपराधिक इतिहास छिपाकर गलत या फर्जी ढंग से शस्त्र लाइसेंस हासिल करने वालों की जांच पड़ताल थानाध्यक्ष करेंगे। किसी भी उल्लंघन या गड़बड़ी की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।
बांदा में 12 हजार शस्त्र धारक
जनपद में बड़ी संख्या में असलहों के शौकीनों की जमात है। इनकी संख्या लगभग 12 हजार है। सबसे ज्यादा 6787 शस्त्र लाइसेंस दोनाली (डीबीबीएल) 12 बोर के हैं। इसके बाद 315 बोर राइफल धारकों की संख्या 3269 है। एक नली 12 बोर 1109 और रिवाल्वर/पिस्टल के लाइसेंस 792 हैं।
लाइसेंस धारकों की गरिमा का ध्यान रखें
लाइसेंस और कारतूस आदि सत्यापन के दौरान लाइसेंस धारकों की प्रतिष्ठा और गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाए। किसी तरह की कानून व्यवस्था की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न होने पाए। सत्यापन समिति को यह निर्देश/हिदायत डीएम आनंद कुमार सिंह ने दी है।
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