बांदा। शराबी पति से तंग आकर मंगलवार को गांव की एक महिला ने खुद को आग लगा ली। वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
इस घटना ने कैंसर पीड़ित फूला देवी को झकझोर दिया। फूला ने अब अपने गांव को शराब से मुक्त कराने का बीड़ा उठाया है।
इसकी
शुरुआत बृहस्पतिवार को गांव की महिलाओं के साथ बैठक और नशे के खिलाफ
जागरूकता रैली से की। शराबियों को चेतावनी भी दी कि न सुधरे तो डंडे से सबक
सिखाएंगे।
शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित बड़ोखर खुर्द गांव
की 55 वर्षीय फूला देवी को ब्लड कैंसर है। मुंबई से इलाज चल रहा है। फूला
को बखूबी एहसास है कि उसकी जिंदगी ज्यादा नहीं है।
गांव में शराब
और शराबियों की बढ़ती तादाद से चिंतित फूला ने इसके खिलाफ कमर कस ली है।
बृहस्पतिवार से शराब के खिलाफ अभियान छेड़ दिया।
गांव के महावीरन
मंदिर के पास महिलाओं को इकट्ठा कर उन्हें प्रेरित किया कि नशे के खिलाफ
खड़ी हों। बैठक के बाद फूला के नेतृत्व में महिलाओं ने गांव में घूम-घूमकर
नशे के खिलाफ अलख जगाई।
शराबियों को चेतावनी दी कि सुधर जाएं। नहीं
सुधरे तो डंडे से पिटाई होगी। गांव में शराब बेंचने वालों की भी शामत
आएगी। फूला का कहना है कि उसका जीवन भले ही कम हो, लेकिन वह शराब से बर्बाद
हो रहे परिवारों को जरूर बचाएगी।
फूला की इस मुहिम में गांव की
भूरी, मीरा, अनंती, बंदी, राजश्री, कस्तूरी, माया, संपत, रानी, सीता, राज
कुमारी, जुबैदा, ज्योति और चंदन भी शामिल हैं।