बांदा। चारे के लिए रेल पटरी पर पहुंच गईं 10 अन्ना
गायें ट्रेन से कट मरीं। इनमेें एक कीमती सांड़ भी था। पटरी के दोनों ओर
गायों के क्षति-विक्षत शव बिखर गए।
दो गायें गंभीर रूप से घायल हो
गईं। उन्हें देर तक इलाज के लिए पशु अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। हालांकि
तमाशाइयोंा का जमावड़ा लगा रहा। रेलवे ट्रैक या इंजन को कोई नुकसान नहीं
पहुंचा।
सूखे बुंदेलखंड में इन दिनों अन्ना पशुओं की भारी फौज है।
दिन भर बांदा शहर के विभिन्न स्थानों पर मुंह मारने वाली अन्ना गायें शाम
होते ही सीमावर्ती गांवों की ओर कूच कर जाती हैं।
वहां रात को
खेतों की फसल सफाचट करती हैं। बुधवार की देर रात गायों का झुंड बांदा रेलवे
स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर केन नदी पुल के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच
गईं।
इसी बीच बांदा से कानपुर जा रही मालगाड़ी आ गई। दर्जनभर गायें
इस ट्रेन की चपेट में आ गई। एक सांड़ समेत 10 गाय कट गईं। कई के चिथड़े
उड़ गए। तीन गायें पुल के नीचे पत्थर पर गिरने से मर गईं।
दो गायें
बुरी तरह जख्मी हो गई। मालगाड़ी के इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। गाड़ी
बिना रुके गुजर गई। रेलवे पटरी भी सुरक्षित रही। सुबह गायों के शव और घायल
गयों को देखने वालों की भीड़ लग गई।
पूरा दिन रेलवे या अन्य किसी
विभाग का कोई अधिकारी घटना स्थल नहीं आया। उधर, इस बाबत मुख्य रेल पथ
निरीक्षक एमपी शिवहरे ने बताया कि घटना की उन्हें जानकारी मिली थी।
उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुई। बड़ा
हादसा बच गया।