बांदा/बबेरू। बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने नागरिकता संशोधन बिल (कैब) और एनआरसी के विरोध में बबेरू तहसील परिसर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा। उधर, भाकपा ने भी इसका विरोध करते हुए 19 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
इंसाफ सेना अध्यक्ष एएस नोमानी की अगुवाई में बबेरू में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि कैब और एनआरसी जनहित में नहीं है। देश में गृह युद्ध की साजिश है। यहां हर वर्ग और जाति के लोगों का योगदान और बलिदान है। केंद्र सरकार देश में गृह युद्ध चाहती है। इस बिल को तत्काल वापस लिया जाए। राम सिंह पटेल, अमरनाथ पटेल, लाल मोहम्मद, मेंहदी खां, आफताब आलम, धर्मेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
उधर, भाकपा (माले) के बुंदेलखंड प्रभारी रमेश सिंह सेंगर ने सोमवार को कताई मिल रोड के पास पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि कैब और एनआरसी संविधान और देश विरोधी हैं। देश इसे स्वीकार नहीं करेगा। वामपंथी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों के आहवान पर 19 दिसंबर को सड़कों पर आंदोलन होगा।
आरोप लगाया कि धर्म के आधार पर नागरिकता का निर्धारण करके मोदी सरकार आरएसएस के इशारे पर हिंदू राष्ट्र के एजेंडे पर काम कर रही है। यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ और धार्मिक अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की साजिश है। पूरे देश में मुस्लिम समुदाय इसका विरोध कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी राज में देश आर्थिक संकट में है। 19 दिसंबर को इन सारे मुद्दों पर प्रदर्शन होगा और ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में रामप्रवेश यादव, राजबहादुर वर्मा, चंद्रशेखर, रामनरेश, फूलचंद्र, सुशील कुमार, रामकिशोर यादव, बब्बू खां, किशोरीलाल, भगवानदीन, कल्लू मंसूरी आदि शामिल रहे।